अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली में बम धमाके और फरीदाबाद से 2921 किलो विस्फोटक बरामद होने के बाद मंगलवार को भी दिनभर फरीदाबाद में गतिविधियां चलती रही। सफेदपोश मॉड्यूल में गिरफ्तार हो चुके डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब को किराये पर दो ठिकाने दिलाने वाले इमाम इश्तियाक को जम्मू एंड कश्मीर पुलिस अपने साथ ले गई है। उससे शुरुआत में यहीं पर पूछताछ की गई और फिर वहां ले जाया गया।
इसी तरह धमाके में प्रयोग कार बेचने वाले डीलर सोनू को भी फरीदाबाद पुलिस व दिल्ली स्पेशल सेल की टीम ने पकड़ा। यहां से दिल्ली स्पेशल सेल उसे अपने साथ ले गई। ये कार कुछ दिन पहले ही डीलर सोनू ने बेची थी। इसे बेचने के लिए ओएलएक्स पर एड पोस्ट की गई थी। इस कार से जुड़ी एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। इस फुटेज में इस आई20 कार का सेक्टर-37 के एक पेट्रोल पंप से पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाया गया है।
वहीं फरीदाबाद पुलिस ने मंगलवार अल-सुबह से चलाए गए सर्च अभियान में अल फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर भी 100 से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे। इस टीम ने यहां 10 से अधिक लोगों से पूछताछ की। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद सभी को फारिक कर दिया गया है।
इसी तरह एक अन्य टीम ने सर्च अभियान के दौरान सड़क किनारे जा रहे 4 लोगों को रोका। इनके पास पिट्ठू बैग थे जिन्हें उतरवाकर उनमें मौजूद सामान चेक किया गया। ये चारों लोग जमाती बताए जा रहे हैं। ये चारों जम्मू एंड कश्मीर, तमिलनाडु, ओडीसा और पलवल के पास हथीन के रहने वाले पता चले। वेरिफाई कर इन्हें भी टीम ने फारिक कर दिया।
मंगलवार को एनआईए की 5 सदस्यीय टीम भी दो गाड़ियों में सवार होकर फरीदाबाद पहुंची। ये टीम फतेहपुर तगा में उस मकान में पहुंची, जहां पर डॉ. मुज्जमिल ने 2563 किलो विस्फोटक एक कमरे में छुपाया हुआ था। टीम ने यहां कमरे में जाकर कुछ फोटो भी क्लिक किए। कुछ देर तक यहां जांच करने के बाद टीम यहां से वापस लौट गई।
यूनिवर्सिटी परिसर में चले सर्च अभियान के दौरान पुलिस अधिकारी ने यहां छात्रों से बातचीत की। उन्हें कहा गया कि आप सभी डरें नहीं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, बाकी लोग जांच में सहयोग करें।