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Faridabad News: पार्क की जमीन पर अवैध मंदिर निर्माण, झूठा हलफनामा देने पर फटकार

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एनजीटी की पीठ ने झूठा हलफनामा दाखिल करने को गंभीर अपराध माना
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प्रतिवादी के वकील ने इसे कॉपी-पेस्ट की गलती बताते हुए माफी मांगी

नितिन राजपूत



नई दिल्ली। फरीदाबाद के सेक्टर-11 में सार्वजनिक पार्क की जमीन पर अवैध रूप से मंदिर निर्माण के खिलाफ दायर याचिका के जवाब में झूठा हलफनामा दाखिल करने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने प्रतिवादियों को फटकार लगाई है। न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ के समक्ष प्रतिवादियों के अधिवक्ता ने इसे कॉपी-पेस्ट की गलती मानते हुए माफी मांगी। एनजीटी ने एक माह के भीतर बिना शर्त माफी वाला हलफनामा दाखिल करने का मौका दिया, अन्यथा उन पर मुकदमा चलाने की चेतावनी दी। अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।

मामले में कुछ प्रतिवादियों ने अपने जवाब में दावा किया कि मंदिर निर्माण करने वालों को केंद्रीय मंत्री, विधायक और नगर निगम का समर्थन प्राप्त था। एनजीटी ने जब इन नेताओं और अधिकारियों के नाम स्पष्ट करने को कहा, तो प्रतिवादियों ने स्वीकारा कि हलफनामे में कॉपी-पेस्ट की गलती हुई थी और यह दावा गलत था। इसके बाद, उन्होंने एक और हलफनामा दाखिल किया, जिसमें गलत तरीके से लिखा गया कि एनजीटी ने सुझाव दिया था कि मंदिर तोड़ने के बजाय जमीन खरीदी या किराए पर ली जाए। एनजीटी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ऐसा सुझाव कभी नहीं दिया गया और यह हलफनामा झूठा है। इससे पहले एनजीटी ने नगर निगम को अवैध कब्जा हटाने और मंदिर की मूर्तियों को अन्यत्र स्थापित करने का आदेश दिया था, लेकिन पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ढांचा तोड़ने पर रोक लगा दी है।
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एनजीटी ने की थी एक संयुक्त समिति गठित

एनजीटी ने 10 फरवरी, 2025 को नोटिस जारी कर एक संयुक्त समिति गठित की, जिसने 17 मार्च 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर 15 अप्रैल 2025 को एनजीटी ने फरीदाबाद नगर निगम को निर्देश दिया कि पार्क से अवैध कब्जा हटाया जाए और मंदिर की मूर्तियों को किसी अन्य मंदिर में स्थापित कर ढांचा गिरा दिया जाए। इस बीच श्री राधा किशन ट्रस्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद 14 मई 2025 को हाईकोर्ट ने 22 जुलाई 2025 तक ढांचा तोड़ने पर रोक लगा दी। बाद में हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख बढ़ाकर 26 नवंबर निर्धारित की। एनजीटी ने 30 मई 2025 को राधा किशन ट्रस्ट को इस मामले में पक्षकार बनाया।
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अवैध निर्माण से हरियाली और सामुदायिक उपयोग की जगह कम हुई

सुनील शर्मा ने एनजीटी में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि फरीदाबाद के सेक्टर-11 में सार्वजनिक पार्क की जमीन पर अवैध रूप से मंदिर बनाया जा रहा है। सेक्टर-11 के निवासियों का कहना है कि सार्वजनिक पार्क की जमीन पर अवैध निर्माण से हरियाली और सामुदायिक उपयोग की जगह कम हो रही है। उनका कहना है कि पार्क बच्चों, बुजुर्गों और स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन और स्वास्थ्य का प्रमुख स्रोत है, और इसे अतिक्रमण से बचाना जरूरी है। निवासियों ने एनजीटी से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
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