सेक्टर-2 में 47 उपभोक्ताओं पर 3.67 लाख रुपये बकाया, एक माह की मोहलत के बाद होगी कार्रवाई
खराब मीटर और फ्लैट रेट बिलिंग भी बनी विवाद की वजह, विभाग बदलेगा पुराने मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में पानी के बढ़ते बकाये को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। लंबे समय से पानी का बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। शुरुआत सेक्टर-2 से की गई है जहां 47 उपभोक्ताओं पर करीब 3.67 लाख रुपये का पानी बिल बकाया मिला है। विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तय समय में भुगतान नहीं होने पर पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
फरीदाबाद में एचएसवीपी के अंतर्गत आने वाले सेक्टरों में पानी सप्लाई और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार बिजली खर्च, ट्यूबवेल संचालन, पाइपलाइन मरम्मत, लीकेज कंट्रोल और मोटरों के रखरखाव पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में लगातार बढ़ रहे बकाये से विभाग की राजस्व व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी कारण अब बड़े बकायेदारों की अलग सूची तैयार कर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
फरीदाबाद में कुल करीब 89 सेक्टर हैं। इनमें से अधिकांश सेक्टर नगर निगम को हस्तांतरित किए जा चुके हैं जबकि करीब 18 सेक्टरों का रखरखाव अभी भी एचएसवीपी के पास है। इन सेक्टरों में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति करीब 152 लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी की खपत का आकलन करने के लिए अधिकांश घरों में मीटर लगाए गए हैं लेकिन कई स्थानों पर मीटर खराब होने या रीडिंग व्यवस्था प्रभावित होने से विभाग को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुछ घरों पर 60 हजार रुपये तक पहुंचा बकाया
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार सेक्टर-2 में कई घरों पर महीनों से बिल लंबित हैं। प्लॉट नंबर 2264 पर करीब 60 हजार रुपये का बकाया दर्ज है। इसी तरह प्लॉट नंबर 2222 पर लगभग 48 हजार रुपये और प्लॉट नंबर 2269 पर करीब 46 हजार रुपये का बिल लंबित है। प्लॉट नंबर 2230 पर 32 हजार रुपये से अधिक और प्लॉट नंबर 2220 पर करीब 27 हजार रुपये का बकाया सामने आया है। इसके अलावा कई अन्य घरों में 10 हजार से 18 हजार रुपये तक की राशि जमा नहीं कराई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि पहले उपभोक्ताओं को मौखिक रूप से समझाया गया लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ। अब अंतिम नोटिस जारी कर एक माह का समय दिया जाएगा। इसके बाद विभाग नियमानुसार पानी कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर सकता है।
गर्मियों में बढ़ा पानी का दबाव
फरीदाबाद में गर्मियों के दौरान पानी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। शहर के कई हिस्सों में भूजल स्तर पहले ही नीचे जा चुका है और पानी की सप्लाई को बनाए रखने के लिए ट्यूबवेल और रेनीवेल सिस्टम पर निर्भरता बढ़ी है। एनआईटी, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद के कई इलाकों में हर साल गर्मियों में पानी संकट की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में विभाग का कहना है कि यदि नियमित राजस्व नहीं मिलेगा तो सप्लाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी सप्लाई व्यवस्था में लगातार बढ़ती लागत और बिजली दरों के कारण विभागों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। फरीदाबाद जैसे तेजी से बढ़ते शहर में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार, मोटर बदलने और लीकेज सुधार पर भी भारी खर्च होता है।
फ्लैट रेट बिलिंग बनी परेशानी
जांच में यह भी सामने आया है कि सेक्टर-2 के कई घरों में अब भी फ्लैट रेट के आधार पर बिल जारी हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार कई पानी मीटर खराब पड़े हैं या उनकी नियमित रीडिंग नहीं हो पा रही। ऐसे मामलों में विभाग औसत खपत के आधार पर बिल भेजता है। इससे कई बार उपभोक्ताओं और विभाग के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार वास्तविक खपत से अधिक बिल भेजे जाते हैं। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिल वितरण और मीटर रीडिंग में तकनीकी गड़बड़ियां रहती हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। हालांकि विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने पर बिल की जांच कराई जाती है और जरूरत पड़ने पर संशोधन भी किया जाता है। अब एचएसवीपी ने खराब मीटर बदलने और नई मीटर रीडिंग व्यवस्था लागू करने की योजना तैयार की है ताकि उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के अनुसार बिल मिल सके और विवाद कम हों।
विभाग ने लोगों से की अपील
एचएसवीपी अधिकारियों ने लोगों से समय पर पानी का बिल जमा कराने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित भुगतान से ही पानी सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सकता है और सेक्टरों में मरम्मत व रखरखाव के काम समय पर हो पाएंगे।
सभी बकायेदारों को अंतिम नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस के बाद एक माह का समय भुगतान के लिए दिया जाएगा। तय समय में राशि जमा नहीं होने पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। लोगों से अपील है कि अपने बकाया बिल जल्द जमा करें।- संदीप दहिया, एसई एचएसवीपी