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Faridabad News: नए साल में शुरू हो जाएगा 8 बेड का माइनर आईसीयू

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गंभीर रोगियों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर नहीं किया जाएगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के लोगों के लिए अच्छी खबर है। नए वर्ष में बादशाह खान अस्पताल के द्वितीय तल पर 8 बेड का माइनर आईसीयू शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके निर्माण पर तकरीबन 60 लाख रुपये खर्च आने की उम्मीद है। इस वार्ड का निर्माण कोरोना काल में होना था, लेकिन फंड के अभाव में नहीं हो सका था। इसे शुरू होने के बाद गंभीर रोगियों (नवजात) को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर नहीं किया जाएगा।
माइनर आईसीयू को वर्ष 2021 में बनाने का निर्णय लिया गया था। अब इसके लिए औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सबकुछ ठीक रहा तो अगले वित्त वर्ष में आठ बेड का नवजात माइनर आईसीयू शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए वार्ड का निर्माण पूरा हो चुका है।
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बीके अस्पताल के दूसरे तल पर बने नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में रोजाना पांच से 10, समय से पहले होने वाले नवजात, प्रसूति के दौरान आने वाली समस्या व कमजोर बच्चों को भर्ती किया जाता है। इनमें से कुछ नवजात गंभीर हालात में होते हैं, जिन्हें आईसीयू की जरूरत होती है। ऐसे नवजात को दिल्ली के सफदर जंग में रेफर कर दिया जाता है। इसे शुरू होने के बाद उनका उपचार यहीं हो जाएगा। प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव का कहना है कि जल्द ही इसका निर्माण कार्य पुरा हो जाएगा। इसमें बच्चों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


अस्पताल में नहीं हैं आईसीयू विशेषज्ञ डॉक्टर
बीके अस्पताल में पहले से ही एक आईसीयू वार्ड बना था, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण उसे साधारण वार्ड में तबदील कर दिया गया है। इस आईसीयू में हड्डी के मरीजों को रखा जाता है। नए आईसीयू का निर्माण होने के बाद बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के इसका उपयोग कैसे किया जाएगा।
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वर्जन

बीके अस्पताल के दूसरे तल पर नीकू वार्ड के पास ही नवजात के लिए माइनर आईसीयू तैयार किया जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो इसे जनवरी के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। - प्रदीप संधू,पीडब्ल्यूडी अभियंता
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