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Faridabad News: साक्ष्यों के अभाव में पत्नी की हत्या के आरोप से पति दोषमुक्त

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अदालत ने कहा-संदेह के आधार पर सजा संभव नहीं
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20 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य भी नहीं जोड़ सके कड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा की अदालत ने पत्नी हत्या मामले में पति सुंदर (43) को दोषमुक्त करार दिया। यह मामला थाना मुजेसर में दर्ज एफआईआर दिनांक 28 अक्तूबर 2022 से जुड़ा था जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत आरोप लगाए गए थे। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में संदेह से परे प्रमाण प्रस्तुत करने में असफल रहा।

मामले के अनुसार 28 अक्तूबर 2022 को जीवन नगर, गौंछी में महिला अंजलि उर्फ ज्योति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पुलिस ने आरोपी पति सुंदर को गिरफ्तार कर चार्जशीट तीन जनवरी 2023 को दाखिल की, जबकि दो मई 2023 को आरोप तय हुए और 13 जुलाई 2023 से गवाही शुरू हुई।
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अदालत में अभियोजन ने 20 गवाह पेश किए, जिनमें पुलिस अधिकारी, डॉक्टर और वैज्ञानिक शामिल थे। वहीं, मृतका के ससुर जगदीश के बयान से भी आरोपी के खिलाफ ठोस पुष्टि नहीं हो सकी। फैसले में अदालत ने कहा कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, लेकिन इन साक्ष्यों की कड़ी पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाई। हत्या का कोई स्पष्ट मकसद भी सिद्ध नहीं हुआ और न ही ऐसा ठोस प्रमाण मिला जो सीधे आरोपी को अपराध से जोड़ सके। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापित सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि जब तक साक्ष्यों की शृंखला पूर्ण रूप से आरोपी के अपराध की ओर ही संकेत न करे, तब तक दोष सिद्धि नहीं की जा सकती। ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना कानून का मूल सिद्धांत है।
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