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Faridabad News: गलत तथ्य देने पर निगमायुक्त पर मानवाधिकार आयोग सख्त

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संवाद
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फरीदाबाद। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने नगर निगम फरीदाबाद द्वारा आयोग के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत किए जाने को गंभीर मामला मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। आयोग ने निगमायुक्त को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान आयोग के संज्ञान में आया कि जिस नीति को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी वह पहले से लागू थी लेकिन निगम की ओर से आयोग के सामने सही जानकारी नहीं रखी गई। रिकॉर्ड की जांच में स्पष्ट हुआ कि संबंधित पॉलिसी 4 अगस्त 2016 को जारी की गई थी और इसे 20 जुलाई 2016 से प्रभावी माना गया था जबकि पूर्व में प्रस्तुत रिपोर्ट में यह तथ्य सही तरीके से नहीं बताया गया। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि संवैधानिक संस्था के समक्ष गलत जानकारी देना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने सुनवाई के दौरान अपनी गलती स्वीकार करते हुए आयोग से माफी भी मांगी। इसके बावजूद आयोग ने निगमायुक्त को निर्देश दिए कि पूरे मामले की जिम्मेदारी तय कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
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ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर भी आयोग ने मांगी रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान शहर में बढ़ रही ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर भी आयोग ने कड़ा रुख अपनाया। आयोग के सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए कि फरीदाबाद में उन सभी स्थानों की सूची तुरंत उपलब्ध कराई जाए जहां से लगातार ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें मिल रही हैं या नियमों का उल्लंघन पाया गया है। आयोग ने कहा कि यह सूची नगर निगम और संबंधित एसडीएम को भेजी जाए ताकि मौके पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। आयोग ने आदेश की प्रति नगर निगम आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजते हुए अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को गुरुग्राम स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित कैंप कोर्ट में होगी।
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