संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में मरीजों की समस्याएं कम होती दिखाई नहीं दे रही है। वहीं, अस्पताल के 34 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी विधानसभा चुनाव के लिए लगाई गई है। चुनाव में ड्यूटी लगने के कारण ओपीडी के कमरों में मौजूद रहने वाले कर्मचारी नजर नहीं आ रहे हैं। जिस कारण ओपीडी के सभी विभागों के दरवाजे पर एक साथ लोगों की भीड़ लग रही है। वहीं, तीन दिन की छुट्टी के बाद अस्पताल खुलने पर मंगलवार को मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। डॉक्टरों के कमरों के बाहर कर्मचारी न होने के कारण मरीज एक दूसरे के साथ लड़ते हुए दिखाई दिए।
बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 से 2000 मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। अस्पताल की ओपीडी में हर विभाग के बाहर व्यवस्था संभालने के लिए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को तैनात किया जाता है। जो अस्पताल में आने वाले मरीजों को एक एक करके डॉक्टर के पास भेजते हैं। वहीं, विधानसभा चुनाव को लेकर अस्पताल के 34 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। जिस कारण विभाग के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इससे मरीजों को काफी दिक्कत होती है। मंगलवार को तीन दिन की छुट्टी के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। इस दौरान अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के बाहर कई घंटों तक मरीजों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कई मरीज अपनी अपनी बारी के लिए आपस में लड़ते दिखाई दिए।
बीके अस्पताल के आपातकालीन विभाग में नहीं चल रहे पंखे
बीके अस्पताल के आपातकालीन विभाग में व्यवस्थाएं बेहतर नहीं है। विभाग में इंजेक्शन वाले कमरे के पास में पड़े बेड के ऊपर नाम के लिए पंखा लगा है। उस पंखे में पंखुड़ी न होने के कारण बंद पड़ा है। इस दौरान मरीज गर्मी में बेड कर पंजीकरण कार्ड से हवा करते नजर आए।
40 नंबर काउंटर से कर्मचारी नदारद
आपातकालीन विभाग के बाहर बने 40 नंबर काउंटर पर मरीजों की एमएलआर (पंजीकरण कार्ड) बनाई जाती है, लेकिन काउंटर पर कर्मचारी नहीं थे। इस दौरान काउंटर के बाहर मरीजों की भीड़ देखने को मिली। मरीज एमएलआर बनवाने के लिए काफी देर तक इंतजार करते रहे। इस बारे में पीएमओ से बात की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
लोगों से बातचीत
हाथ में चोट लग गई थी। सोमवार को छुट्टी होने के कारण मैं डॉक्टर को दिखाने नहीं आ सकी। आज आई तो देखा कि डॉ. के कमरे के बाहर काफी भीड़ है। कई घंटे इंतजार करने के बाद भी मेरा नंबर नहीं आया। वहीं थोड़ी देर बाद डॉक्टर भी चले गए।
-सोनिया, सेक्टर-18
सबह 11 बजे अस्पताल में हड्डी के डॉक्टर को दिखाने आई थी, लेकिन डॉक्टर कमरे में न होने के कारण बिना दवा के ही वापस जाना पड़ा। -निशा, सेक्टर-21
वर्जन
विधानसभा चुनाव के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारियों के जाने से अस्पताल में किसी को भी दिक्कत नहीं हो रही है। -डॉ. सविता यादव, पीएमओ