1988 में माता-पिता ने शुरू किया था आचार का काम, कई पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दिवाली मेले में स्वदेशी व घर के स्वाद से भरपूर अचार और मुरब्बा लोगों की पसंद बने हुए हैं। गुरु द्रोण की नगरी गुरुग्राम से श्रीकृष्णा अचार व मुरब्बा स्टॉल पर विभिन्न प्रकार के हाथों से निर्मित अचार, मुरब्बा, चटनी, शरबत, जूस, जेम, शहद आदि विभिन्न किस्मों में उपलब्ध हैं।
स्टॉल संचालक अजय कुमार का कहना है कि इन अचार-मुरब्बों को घर के स्वाद और परंपरा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आगंतुक यहां से न केवल अचार व मुरब्बे का स्वाद चख रहे हैं, बल्कि पैकिंग कराकर अपने साथ भी ले जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अचार का काम उनके पिता गोवर्धन यादव व माता कृष्णा यादव ने वर्ष 1988 में शुरू किया था जो अचार के क्षेत्र में आज श्री कृष्णा पिक्लस के नाम से एक प्रसिद्ध नाम बन गया है। श्री कृष्णा पिकल्स को कई प्रकार के पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
मक्का के छिलकों से बने उत्पाद लोगों को कर रहे आकर्षित
दिवाली मेले में बुलंदशहर के गांव जुगसाना कलां से आए प्रदीप चंद्रा की स्टॉल पर मक्का के छिलकों बने उत्पाद लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। उन्होंने अनूठी कारीगरी करते हुए मक्का के छिलकों से बैठने का सामान सहित आकर्षक फूल, गुलदस्ते और अन्य सजावटी सामान बनाए हैं। प्रदीप चंद्रा ने बताया कि ये सभी उत्पाद फूलजा फाउंडेशन के सहयोग से गांव की महिलाएं मक्का के छिलकों से तैयार करती हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।