संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-8 स्थित एक निजी अस्पताल में हिप नेविगेशन तकनीक के साथ मिनिमली इनवेसिव डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच (डीएए) से हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर उत्तर भारत में पहली बार इस तकनीक के प्रयोग का दावा किया गया है। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी 34 वर्षीय सौरव चटर्जी, जो एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस और रीढ़ की समस्या से पीड़ित थे, सर्जरी के तीन घंटे के भीतर ही सहारे से खड़े होकर चलने लगे।
डॉक्टरों ने बताया कि इस बीमारी में रीढ़ और कूल्हे के जोड़ प्रभावित हो जाते हैं, जिससे चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। मरीज कई महीनों से तेज दर्द और दैनिक कार्यों में परेशानी झेल रहा था। डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक में मांसपेशियों को काटे बिना प्राकृतिक गैप से सर्जरी की जाती है, जिससे रिकवरी तेज होती है। कंप्यूटर-असिस्टेड हिप नेविगेशन तकनीक की मदद से इम्प्लांट को अधिक सटीकता से लगाया गया।