चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने फरीदाबाद नगर निगम को 33 साल पहले सेवानिवृत्त हुए अधिकारी को लाभ न देने पर फटकार लगाई है। अदालत ने निगम को दो माह में सभी लंबित सेवानिवृत्ति लाभ और छह प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि विभागीय कार्रवाई को वर्षों तक लंबित रखकर अधिकारी को मानसिक प्रताड़ना दी गई। इससे वे अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित रहे। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने टिप्पणी की। याचिकाकर्ता 30 जून 1993 को सेवानिवृत्त हुए। निगम ने लंबित विभागीय कार्रवाई का हवाला देकर उनके लाभ रोके थे। अदालत ने पाया कि आरोपों पर कोई स्वतंत्र जांच नहीं हुई थी। याचिकाकर्ता पहले ही बरी हो चुके थे। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को वर्षों तक अनिश्चितता में रखना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने 5.74 लाख रुपये और अन्य काटी गई राशि वापस करने का आदेश दिया।