फरीदाबाद नगर निगम घोटाला : बिना कार्य के ही कंपनियों को भुगतान करने का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फरीदाबाद के नगर निगम अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर निजी कंपनियों को बिना कार्य और फर्जी बिलों से भुगतान के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने विजिलेंस को जल्द से जल्द जांच पूरी करने का आदेश दिया है। साथ ही फरीदाबाद नगर निगम को आदेश दिया है कि वह 30 दिन के भीतर पूरा रिकॉर्ड विजिलेंस को सौंप दे।
फरीदाबाद निवासी कृष्ण लाल गेरा ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि निगम के अधिकारी निजी कंपनियों के साथ मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। निजी कंपनियों को बिना किसी काम के फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। हाईकोर्ट को बताया गया कि एक रिसर्च टीम ने 2015 में सड़कों के नमूने लिए थे और जब उनकी जांच की गई तो पाया गया कि इसमें इस्तेमाल सामग्री निम्न गुणवत्ता की थी। याची ने कहा कि सभी प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल हो यह सुनिश्चित करना निगम की जिम्मेदारी है लेकिन ऐसा नहीं किया गया और बिल पास कर दिए गए। याची ने कहा कि सरकारी संपत्ति का इस प्रकार दुरुपयोग न हो इसके लिए सही कदम उठाने की जरूरत है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि सड़क, फुटपाथ, सीवरेज व अन्य विकास कार्यों में इस्तेमाल सामग्री की जांच कराई जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि विजिलेंस इस मामले में जांच कर रही है लेकिन निगम इस मामले से जुड़ा रिकॉर्ड विजिलेंस को नहीं सौंप रहा। हाईकोर्ट ने निगम को 30 दिन में रिकॉर्ड विजिलेंस को सौंपने को सौंपने का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।