लगभग 300 औषधीय एवं दुर्लभ वनस्पतियों के पौधे लगाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मंडकोला में हर्बल पार्क की स्थापना की गई है। इस हर्बल पार्क में लगभग 300 औषधीय एवं दुर्लभ वनस्पतियों के पौधे लगाए गए हैं। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रताप सिंह चेची ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को स्वास्थ्य, औषधीय गुणों और पर्यावरण संतुलन के महत्व से अवगत कराना है।
डॉ. चेची ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग धीरे-धीरे प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार की परंपरा भारत की धरोहर है, लेकिन बदलती जीवनशैली और रासायनिक दवाओं के प्रयोग ने लोगों को इन औषधीय पौधों के महत्व से दूर कर दिया है। इसी कड़ी को जोड़ने के लिए संस्थान ने यह हर्बल पार्क विकसित किया है, ताकि छात्र और आमजन दोनों ही प्राकृतिक चिकित्सा और हरियाली का लाभ ले सकें।
हर्बल पार्क में लगाए गए पौधों की सूची विविधता और उपयोगिता से भरपूर है। इनमें अमलतास, अर्जुन, नीम, आंवला, पत्थरचट्टा, तुलसी, लेमनग्रास, करीपत्ता, एलोवेरा, गिलोय, अश्वगंधा, शतावर, पुदीना, हरसिंगार, भूमि आंवला और सहजन जैसे औषधीय पौधे लगाए गए हैं। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रताप सिंह चेची ने बताया कि हर्बल पार्क केवल सजावट या हरियाली के लिए नहीं है, बल्कि इसका शैक्षणिक महत्व भी है। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ जब छात्रों को आयुर्वेद और वनस्पति विज्ञान का ज्ञान मिलेगा तो उनका समग्र विकास होगा। कॉलेज में अध्ययनरत छात्र इस हर्बल पार्क को अपने प्रोजेक्ट्स, रिसर्च और नवाचार कार्यों में भी शामिल कर सकते हैं।