अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। खोरी मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में अब सुनवाई 29 अगस्त को होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने अरावली वन क्षेत्र स्थित खोरी गांव में हजारों मकानों को दो साल पहले तोड़ दिया था। इससे हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। वहीं, खोरी गांव के विस्थापितों को डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में खोरी विस्थापितों के वकीलों ने फ्लैट के जर्जर होने को मामला उठाया था। इस पर नगर निगम ने करीब 1088 फ्लैटों को ठीक कराया है। पिछली सुनवाई में इस पर चर्चा हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फ्लैट्स पर विस्तृत रिपोर्ट निगम से मांगी थी। मंगलवार को खोरी विस्थापितों के वकील कोर्ट हाजिर नहीं हो सके और समय मांगा। इस पर कोर्ट ने 29 अगस्त को सुनवाई की तिथि तय की है। इस दौरान नगर निगम की ओर से कोर्ट में मुख्य अभियंता बीके कर्दम गए थे जबकि ऑनलाइन निगम आयुक्त ए.मोना श्रीनिवास, कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान व मुख्य वास्तुकार डीएस ढिल्लो जुड़े थे।