फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली स्थित एक्यूप्रोब डायग्नोस्टिक प्रबंधन को कोरोना संक्रमण की गलत रिपोर्ट जारी करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में डायग्नोस्टिक सेंटर ने बिना इजाजत संदिग्धों की सैंपलिंग की। इसके बाद गलत रिपोर्ट जारी कर संक्रमित को स्वस्थ बता दिया। कुछ रिपोर्ट करीब 50 दिन की देरी से भी अपलोड की गई। ऐसे में समय से संक्रमितों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं लग सकी। जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक कई ऐसे मामलों को भी संक्रमित बताया गया जिन्होंने कोरोना जांच कराई ही नहीं थी। वहीं, संक्रमितों की जांच रिपोर्ट देरी से पोर्टल पर अपलोड की गई। इस संबंध में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने बताया कि एक्यूप्रोब डायग्नोस्टिक्स ने जिला कमेटी की अनुमति के बिना सैंपल कलेक्शन शुरू किया है। ऐसे में संबंधित लैब ने महामारी अधिनियम का उल्लंघन किया है। वहीं, लैब में पांच सैंपल की रिपोर्ट आईसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड की गई, इनमें से तीन गलत रिपोर्ट जारी की गई। इस संबंध में लोगों से संपर्क भी किया गया। तीन लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी कोरोना जांच के लिए सैंपल ही नहीं दिया। ऐसे में उन सभी की रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर दी गई है। इसके अलावा 28 अप्रैल की रिपोर्ट अब ऑनलाइन अपलोड कर दी गई। उन्होंने बताया कि लैब संचालकों को तीन दिन का समय पक्ष रखने के लिए दिया गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।