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Faridabad News: कार के महंगे मॉडल का लिया लोन, खरीद ली सस्ते मॉडल की, फिर ईएमआई भी नहीं भरी

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यूको बैंक मैनेजर की शिकायत पर एनआईटी थाना में दर्ज की गई एफआईआर
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी इलाके में स्थित यूको बैंक शाखा से एक व्यक्ति ने कार लोन लेकर एक भी ईएमआई नहीं भरी और अपने पते से भी गायब है। ये भी आरोप है कि लोन लेने के दौरान जो इनवॉइस जमा कराया गया तो कार के महंगे मॉडल का था जबकि बाद में सस्ते मॉडल की कार ली गई।
बैंक ने आरोप लगाया है कि लोन लेने वाले ने कार डीलरशिप एजेंसी और एजेंट के साथ मिलकर साजिश के तहत फर्जीवाड़ा किया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि एनआईटी थाना में एफआईआर दर्ज कर टीम ने जांच शुरू की है। पुलिस को ये शिकायत यूको बैंक के चीफ मैनेजर प्रताप सिंह कौशल की ओर से दी गई है। ठगी का आरोप लोन लेने वाले जनक सिंह, दिल्ली की कार डीलरशिप एजेंसी और एजेंट राहुल पर लगाया गया है। आरोप है कि सेक्टर-75 के रहने वाले जनक सिंह ने 12 जून 2025 को यूको बैंक एमआईडी कॉरपोरेट ब्रांच में कार लोन के लिए संपर्क किया। एजेंट राहुल के जरिये कार की कोटेशन दी गई जो दिल्ली प्रीत विहार की कार डीलरशिप एजेंसी की ओर से जारी की गई थी। ये कोटेशन ग्रैंड विटारा जेटा ईसीवीटी मॉडल के लिए 2228995 रुपये की थी। बैंक की ओर से 17 लाख का लोन अप्रूव किया गया और 23 जून 2025 को कार डीलरशिप एजेंसी के खाते में रकम आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर कर दी गई।
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आरोप है कि बाद में की गई जांच में पता चला कि कार लोन लेने के बाद आरोपी दिए गए पते से गायब है। उसने लोन की कोई ईएमआई नहीं चुकाई। आरोप है कि जनक सिंह ने महंगे मॉडल की बजाय सस्ते मॉडल की कार खरीदी थी जो 1593762 रुपये की थी। बैंक का आरोप है कि लोन लेने के दौरान दिए गए दस्तावेज में महंगे मॉडल की कार का इनवॉइस दिखाया गया था जिस पर डीलरशिप एजेंसी की मोहर भी लगी थी। शिकायत में ये भी आरोप लगाया गया कि बाद में पता चला कि आरोपी का सिबिल स्कोर भी गिर चुका है। उसने कई अन्य लोन लिए हुए हैं। आरोप है कि जनक सिंह, डीलरशिप एजेंसी और एजेंट ने मिलकर पूरा फर्जीवाड़ा किया। मामले में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
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