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Faridabad News: हथीन नगर पालिका हरकत में, लावारिस कुत्तों पर करेंगे कड़ा नियंत्रण

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नसबंदी, समुचित चिकित्सा और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी
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एक कुत्ते पर 1640 रुपये खर्च किए जाएंगे



सोमदेव आर्य
हथीन। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद अब हथीन नगर पालिका ने भी लावारिस कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत सार्वजनिक रूप से टेंडर जारी कर उपयुक्त एजेंसी का चयन किया जाएगा। चयनित एजेंसी द्वारा पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी (बधियाकरण) कराई जाएगी और सभी कुत्तों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाएंगे।

योजना के अनुसार, एक कुत्ते पर लगभग 1640 रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें नसबंदी, समुचित चिकित्सा और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया शामिल होगी। नगर पालिका के एमई जावेद और जूनियर इंजीनियर अनीश ने बताया कि यह कार्य सरकारी नियमों की एसओपी के अनुसार किया जाएगा और पशु कल्याण बोर्ड के निर्देशों की पूर्ण पालना की जाएगी।
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एमई जावेद ने बताया कि सम्पूर्ण कार्य की निगरानी हरियाणा पशुपालन विभाग के वेटरनरी सर्जनों के माध्यम से कराई जाएगी। पकड़े गए लावारिस कुत्तों को नसबंदी व टीकाकरण के बाद सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया द्वारा चयनित एजेंसी यह कार्य निर्धारित मानकों के तहत करेगी और स्पेशलिस्ट वेटरनरी सर्जनों की देखरेख में बधियाकरण के ऑपरेशन किए जाएंगे।

ऑपरेशन के बाद कुत्तों को तीन से चार दिन तक पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता न हो। इस अवधि में उनके खाने-पीने और देखभाल की पूरी व्यवस्था की जाएगी। रिकवरी के बाद ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि शहर के सभी 14 वार्डों और सार्वजनिक स्थलों पर लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रात के समय पैदल चलने वालों पर कुत्तों द्वारा हमला करने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। रीण्डका रोड निवासी एक युवक की मौत भी कुत्ते के काटने से हो चुकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं, जिस कारण लोगों को निजी अस्पतालों या क्लीनिकों में इलाज के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया आदेश में निर्देश दिए हैं कि शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों और खेल परिसरों से लावारिस कुत्तों एवं मवेशियों को तुरंत हटाकर आश्रय स्थलों में भेजा जाए। कोर्ट ने इसके लिए आठ सप्ताह का समय दिया है और यह भी स्पष्ट किया है कि पकड़े गए कुत्तों को उसी जगह दोबारा नहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
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शहर के निवासियों ने नगर पालिका की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योजना का क्रियान्वयन शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों को लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत मिल सके।
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