बल्लभगढ़ (कैलाश गठवाल)। यदि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है या आप किसी लंबी बीमारी से ग्रसित हैं तो हरियाणा रोडवेज की बस में सफर आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। लगातार घाटा झेल रहे हरियाणा परिवहन विभाग ने अब सभी बसों को भरकर चलाने का फैसला लिया है। बृहस्पतिवार को इसके आदेश सभी डिपो के प्रबंधकों को भेज दिए गए हैं। डिपो प्रबंधकों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यानी अब बस में सफर करते समय कोई कोरोना संक्रमित मरीज आपके साथ वाली सीट पर बैठता है तो सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।
सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मान सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी में दो गज की दूरी का विशेष महत्व है। खांसते या छींकते वक्त यदि संक्रमित मरीज से उचित दूरी बनी रहेगी तो संक्रमण का खतरा काफी कम होता है। हालांकि मास्क लगाने से 90 प्रतिशत तक संक्रमण से बचाव हो जाता है, मगर ज्यादा उम्र वाले लोग, मधुमेह, टीबी, अस्थमा, किडनी व लीवर से संबंधित बीमारी वाले लोग या जिनकी किसी अन्य कारण से भी रोगों से लड़ने की क्षमता कम है उनके लिए यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि जो लोग सुबह का नाश्ता नहीं करते और खाली पेट ही घर से निकल लेते हैं उन्हें भी संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि उनके शरीर में एनर्जी कम होती है।
डिपो प्रबंधक राजीव नागपाल ने बताया कि अभी तक बसों में केवल 50 प्रतिशत सवारियां ही बैठाकर चलाई जा रही थी, लेकिन अब इस नियम को समाप्त कर दिया गया है। कोरोना महामारी को देखते हुए बस में यात्रा करने वाली सभी सवारियों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। सभी बसों को प्रत्येक चक्कर के बाद सैनिटाइज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल उत्तरप्रदेश के कई रूट बंद पड़े हैं। चंडीगढ़ रूट भी बंद हैं। इसी तरह दिल्ली का आईएसबीटी बस अड्डा बंद होने के कारण भी काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।