कहा-इससे आरटीई कानून पड़ सकता है कमजोर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में चिराग योजना के तहत सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने इस योजना का विरोध किया है। संगठन के सदस्यों का कहना है कि इससे आरटीई कानून कमजोर पड़ सकता है।
हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने चिराग योजना को भ्रामक और गरीब बच्चों के साथ छलावा बताया है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीई कानून को कमजोर करने व उसे ठीक से लागू न कर पाने की वजह से ही चिराग योजना लाई गई है।
उन्होंने कहा कि जिले के निजी सीबीएसई विद्यालय इस योजना के नियमों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा बोर्ड के महज चार स्कूल ही अब तक इस योजना से जुड़ पाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भी इस योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। सदस्यों ने बताया कि जिले के निजी स्कूल आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। फरीदाबाद में ऐसे 28 स्कूल हैं, जिन पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। मंच के राष्ट्रीय सलाहकार व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को एक पत्र व दो लीगल नोटिस भेज कर जानकारी मांगी लेकिन उसका कोई जवाब नहीं दिया गया है।