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Faridabad News: गैस संकट से फैक्टरियों में उत्पादन रह गया आधा

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मशीनों के लिए आवश्यक गैस उपलब्ध नहीं होने से काम घंटों ठप रहता है
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। जिले के औद्योगिक क्षेत्र में इन दिनों गैस की भारी किल्लत ने छोटे उद्यमियों की कमर तोड़ दी है। आपूर्ति में आई बाधा के कारण सैकड़ों सूक्ष्म और लघु इकाइयों के पहिये थमने के कगार पर पहुंच गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई फैक्टरियों में उत्पादन 50 प्रतिशत से भी कम रह गया है। सबसे अधिक प्रभावित वे इकाइयां हैं, जिनका मुख्य कार्य गैस वेल्डिंग, लोहे को पिघलाना या कटिंग करना है। जिले में लगभग चार हजार से अधिक छोटी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इन इकाइयों में अमूमन 10 से 15 या उनसे कम श्रमिक काम करते हैं। गैस की समय पर आपूर्ति न होने से उद्यमियों के सामने ऑर्डर पूरे करने का संकट खड़ा हो गया है। उद्यमियों का कहना है कि मशीनों के लिए आवश्यक गैस उपलब्ध नहीं होने से काम घंटों ठप रहता है।

कर्मचारियों की छंटनी शुरू


गैस संकट का सबसे खौफनाक पहलू बेरोजगारी के रूप में सामने आ रहा है। काम कम होने के कारण उद्यमियों ने आर्थिक बोझ कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। कई कारखानों में 10 में से 3 से 4 कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया है या उन्हें बारी-बारी पर बुलाया जा रहा है। इससे दिहाड़ी मजदूरों के सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
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हमारा पूरा काम ही लोहे की कटिंग और वेल्डिंग पर टिका है। गैस नहीं मिलने से हम समय पर डिलीवरी नहीं दे पा रहे हैं। इसके कारण नए ऑर्डर भी मिलने में समस्या आ रही है।-रोहताश पांचाल, उद्यमी

गैस नहीं होने के कारण ऑर्डर होने के बावजूद काम नहीं कर पा रहे हैं। सीजन के समय में भी दो-तीन कर्मचारियों को वापस उनके घर भेजना पड़ा है।-हबीब खान, उद्यमी

अब सुनने में आ रहा है कि युद्ध रुक गया है, तो इंतजार कर रहे हैं कि जल्द से जल्द स्थित सामान्य हो और दोबारा से सही से कार्य शुरू हो सके। उत्पादन पर 50 प्रतिशत से अधिक प्रभाव पड़ा है।-सतीश, उद्यमी
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गैस की किल्लत की वजह से उद्यमी और कर्मचारी सभी पर संकट बना हुआ है। लोहा काटने से लेकर, वेल्डिंग तक पूरा कार्य गैस का है, ऐसे में कैसे कार्य कर पाएंगे। कर्मचारियों की भी ना चाहते हुए कुछ दिन की छुट्टी करनी पड़ रही है।-राकेश, उद्यमी
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