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Faridabad News: फरीदाबाद नगर निगम में 14 महीने बाद सरकार ने बनाई विशेष समिति

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फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी के गठन होने तक देखेगी विकास कार्यों की कमान
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम में पिछले करीब 14 महीनों से फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफ एंड सीसी) का गठन नहीं होने से विकास कार्यों में आ रही बाधा को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने विशेष समिति गठित कर दी है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कमिश्नर एवं सचिव अशोक कुमार मीणा (आईएएस) द्वारा जारी आदेश के अनुसार निगम में नियमानुसार स्थायी फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी के गठन तक यह समिति विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों और ठेकों की मंजूरी का कार्य करेगी।

सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर निगम में निर्वाचित सदन बनने के बाद भी फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी का गठन नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे।
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जारी आदेश के अनुसार गठित विशेष समिति में नगर निगम फरीदाबाद के मेयर और निगम आयुक्त पदेन सदस्य होंगे। इसके अलावा वार्ड-16 के पार्षद मनोज नासवा तथा वार्ड-44 के पार्षद प्रदीप टोंगड़ को सदस्य बनाया गया है। यह समिति तब तक कार्य करेगी जब तक निगम अपनी नियमित फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी का गठन नहीं कर लेता।

14 महीने से नहीं बन सकी थी फाइनेंस कमेटी

फरीदाबाद नगर निगम का निर्वाचित सदन 25 मार्च 2025 को अस्तित्व में आया था। नियमानुसार इसके बाद फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी का गठन किया जाना था लेकिन लगभग 14 महीने बीत जाने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते विकास कार्यों से जुड़े कई प्रस्ताव लंबित रहे। कमेटी के अभाव में करीब 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां प्रभावित हो रही थीं। शहर में सड़क, नाली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।

कारण बताओ नोटिस के जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं

सरकार ने इस संबंध में 27 मई 2026 को नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जवाब में पार्षदों की ओर से कहा गया कि अगस्त 2025 में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए बुलाई गई बैठक मेयर और निगम आयुक्त की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सकी, जिससे आगे की प्रक्रिया प्रभावित हुई। वहीं मेयर की ओर से यह कहा गया कि शहर में विकास कार्य नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। सरकार ने दोनों पक्षों के जवाबों का परीक्षण करने के बाद उन्हें असंतोषजनक माना और वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।

सरकार ने स्पष्ट किया, चुनाव लंबित होना बाधा नहीं

सरकारी आदेश में कहा गया है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव लंबित होना फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी के गठन में बाधा नहीं माना जा सकता। सरकार का यह भी मानना है कि समिति के गठन में देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे तथा सरकार से प्राप्त अनुदान का समय पर उपयोग नहीं हो पा रहा था, जिससे आम नागरिकों को आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही थी। इसी परिस्थिति को देखते हुए राज्यपाल की शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है।
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विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद

नई समिति के गठन के बाद अब विकास कार्यों और ठेकों से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण का रास्ता साफ होने की संभावना है। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक फरीदाबाद नगर निगम विधिवत अपनी स्थायी फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी का गठन नहीं कर लेता। सरकार के इस कदम को शहर में रुके विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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