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शादी वाले दिन सब गायब: कोई चाचा तो कोई बना काका, ऐसे जीता होने वाले दूल्हे का दिल; गैंग की मालकिन अब भी फरार

Sat, 04 Jul 2026 05:47 PM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद

सार

फरीदाबाद में क्राइम टीम ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने अलीगढ़ और बुलंदशहर से पति-पत्नी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी दुल्हन, चाचा, काका और भाई की भूमिका निभाई। मुख्य सूत्रधार महिला रानी उर्फ लक्ष्मी की तलाश जारी।
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पति-पत्नी समेत पांच गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शादी कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का अपराध शाखा सेक्टर-48 की टीम ने खुलासा किया है। पुलिस ने अलीगढ़ और बुलंदशहर से पति-पत्नी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फरीदाबाद के संजय एंक्लेव निवासी राजकुमार पांचाल को शादी का झांसा देकर 41 हजार रुपये ठग लिए थे। 

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शादी का झांसा देकर ठगी
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, जबकि गिरोह की कथित मास्टरमाइंड महिला रानी उर्फ लक्ष्मी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार थाना सारन में राजकुमार पांचाल की शिकायत पर शादी का झांसा देकर 40 हजार रुपये से अधिक की ठगी प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 

युवती का फोटो दिखाकर किया पंस
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह विवाह के लिए इच्छुक था। उसका परिचित बंटी उर्फ अविनाश उसे रिश्ता कराने के बहाने अलीगढ़ ले गया, जहां दो-तीन युवतियां दिखाई गईं, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में उसके मोबाइल पर पूजा नाम बताकर एक युवती का फोटो भेजा गया, जिसे उसने पसंद कर लिया।

गिरोह की पूरी थी तैयारी, शिकायतकर्ता के घर पहुंचे थे सभी
जांच में सामने आया कि गिरोह ने पूरी योजना पहले से तैयार कर रखी थी। पांच सितंबर 2025 को आरोपी महिला रानी उर्फ लक्ष्मी कथित युवती और अन्य आरोपियों के साथ फरीदाबाद स्थित शिकायतकर्ता के घर पहुंची। वहां महविश दानिश को पूजा और परिवार का सदस्य बताकर परिचय कराया गया। 

टीका रस्म और शादी की तैयारी के नाम पर मांगे पैसे
आरोपी प्रदीप ने खुद को युवती का चाचा, संजीव ने काका, सचिन ने बिचौलिया, जबकि दानिश चमन ने भाई की भूमिका निभाई। टीका रस्म के नाम पर शिकायतकर्ता से 11 हजार रुपये लिए गए। अगले दिन शादी की तैयारियों का हवाला देकर 30 हजार रुपये और ले लिए गए व सात सितंबर को अलीगढ़ के एक मंदिर में शादी कराने की तारीख तय कर दी गई। 

तय तारीख पर शादी के लिए पहुंचा दूल्हा
शिकायतकर्ता तय तारीख पर मंदिर पहुंचा, लेकिन वहां न तो कथित दुल्हन पहुंची और न ही उसके परिजन। इसके बाद उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत दी। जांच के दौरान अपराध शाखा ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर तीन जुलाई को अलीगढ़ में दबिश देकर आरोपी दानिश चमन, उसकी पत्नी महविश दानिश, सचिन, संजीव और प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी रिश्तेदार बनकर शादी तय करते थे और रस्मों व शादी की तैयारियों के नाम पर रुपये लेकर फरार हो जाते थे।
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मास्टरमाइंड रानी की तलाश में पुलिस
पुलिस प्रवक्ता यपशपाल ने बताया कि महिला आरोपी महविश दानिश पहले भी शादी के नाम पर ठगी के दो मामलों में जेल जा चुकी है, जबकि आरोपी प्रदीप भी अलीगढ़ और डासना जेल में ऐसे ही मामलों में बंद रह चुका है। पुलिस अब गिरोह की कथित मास्टरमाइंड रानी उर्फ लक्ष्मी की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में गिरोह द्वारा अन्य राज्यों में की गई इसी प्रकार की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।
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