फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण स्कूल जाने से वंचित छठीं से 8वीं कक्षा तक के नौनिहाल शुक्रवार से स्कूल पहुंचेंगे। वहीं, 16 जुलाई से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी पहले ही स्कूल पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिले में विद्यार्थियों की खासी संख्या दिखाई देगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर पर न सिर्फ तैयारी की बल्कि क्लस्टर स्तर पर समीक्षा कर तैयारियों का जायजा लिया गया।
बृहस्पतिवार को जिले के अधिकतर विद्यालयों में तैयारियों की समीक्षा की गई। सरकारी स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के तहत स्कूल में नौनिहालों की पढ़ाई सुनिश्चित करने पर इस दौरान विशेष जोर रहा। एसओपी के अनुसार तैयार की गई कक्षाओं में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए भी यही व्यवस्था की गई। वहीं छठीं से 8वीं तक के विद्या र्थियों के लिए भी एसओपी का पालन करने के निर्देश हैं। विद्यालय प्रमुख सुनिश्चित करेंगे कि छात्र एक-दूसरे संपर्क में नहीं आएं। चार महीने से बंद पड़े विद्यालयों को कमरों को खोलकर साफ-सफाई की गई।
राजकीय स्कूल में हुई समीक्षा बैठक
एनआईटी-3 स्थित राजकीय स्कूल में कोविड नियमानुसार विद्यार्थियों की पढ़ाई की समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान स्कूल प्रधानाचार्य परेश गुप्ता ने अध्यापकों से कक्षावार विद्यार्थियों के लिए किए गए इंतजामों के बारे में जाना। इस दौरान यह तय किया गया कि हर विद्यार्थी ऑक्सीजन लेवल व तापमान मापने के लिए डिजिटल मीटर हो। इमरजेंसी में तुरंत स्कूल प्रबंधन को सूचना दी जाए।
डाटा अपडेट नहीं करने पर कार्रवाई
स्कूल खुलने के बाद रोजाना बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जिला शिक्षा विभाग की ओर से जारी हिदायतों के अनुसार जो विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहते हैं उन्हें स्टडी मैटेरियल ऑनलाइन ही मुहैया कराया जाएगा। चार माह बाद स्कूल पहुंचने वाले किसी भी विद्यार्थी के लिए माता-पिता की लिखित अनुमति का पत्र लाना अनिवार्य है। स्कूल में विद्यार्थी की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं होगी। छात्रों के लिए स्कूल का समय 9 से 12 बजे तक तथा शिक्षकों के लिए साढ़े 8 से साढ़े 12 बजे तक का समय रहेगा। बच्चों का तापमान व हाजरी रोजाना अवसर एप पर अपलोड करनी होगी। शिक्षा विभाग अनुसार जो स्कूल मुखिया अवसर एप पर टीकाकरण व बच्चों का डाटा व तापमान अपडेट नहीं करते उन्हें नोटिस के साथ सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
वर्जन-
एसओपी के अनुसार ही स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए राजकीय निजी विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी छात्र के बीमार या लक्षण आने पर तुरंत शिक्षा विभाग को सूचित किया जाएगा। सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि 12 बजे तक स्कूल में पहुंचे कुल विद्यार्थियों की संख्या बताएं। - रितु चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी