फरीदाबाद। सेक्टर-28 के मार्केट में छोटी सी दुुकान में ठगी की कंपनी खोल कर दस ठग करीब सौ से अधिक लोगों की जीवनभर की कमाई समेट कर फरार हो गए। घटना जून 2019 की है। जमा राशि पर 18 फीसदी का ब्याज के रूप में रिटर्न व प्रोडक्ट बेचने के नाम पर अच्छी खासी कमीशन का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाया। इसके बाद लोगों की कमाई डकार कर लापता हो गए। पीड़ितों ने मामले की शिकायत उसी दौरान पुलिस आयुक्त फरीदाबाद से की थी। उनके निर्देश पर पुलिस ने करीब सात माह बाद मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
पल्ला थाना क्षेत्र के होराम कॉलोनी तिलपत के रहने वाले महेश कुमार ने बताया कि सेक्टर-28 के एक मकान को किराये पर लेकर ठग कंपनी रतनश्री के नाम से शुरू की गई थी। इसमें लोगों से 50 हजार रुपये से लेकर करोड़ों रुपये तक निवेश कराए गए थे। जितनी बड़ी निवेश उतना ज्यादा मुनाफा देने का लालच दिया गया था।
निवेश की राशि पर 18 फीसदी ब्याज के रुप में हर माह रिटर्न करने व इलेक्ट्रानिक प्रोडक्ट बेचने पर आकर्षक कमीशन बोनस के रूप में देने का झांसा दिया गया था। महेश कुमार ने बताया कि उसका एक दोस्त रमेश वर्मा पुत्र जवाहर वर्मा भी इस कंपनी को ज्वाइन किया था। उसी ने कंपनी के मालिक व आरोपी आशुतोष सिंह रतन पुत्र चंद्रिका सिंह, आशुतोष का भाई कुंदन, रंजीत सिंह, मामा उमेश सिंह, प्रियंका, पूनम पत्नी रंजीत सिंह, अर्चना पत्नी आशुतोष, श्यामजीत यादव पुत्र जगन्नाथ यादव, शिव कुमार पुत्र प्रेमपाल व रमेश वर्मा पुत्र जवाहर वर्मा ने मिल कर इस खेल को शुरू किया था। आरोपी रमेश वर्मा पीड़ित महेश का दोस्त हैं। जिसके विश्वास में आकर महेश आरोपियों के चंगुल में फंस कर अपना लाखों रुपये गंवा बैठा।
महेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि अब तक करीब 98 लोगों के नामों की सूची सामने आई है जिनसे 50 हजार रुपये से लेकर करोड़ों रुपये आरोपियों ने निवेश के नाम पर ठग लिए। ये सभी लोग नोएडा, दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद व पलवल के रहने वाले हैं। इन सब का मास्टर माइंड आशुतोष सिंह है जो नए लोगों को लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। बाकी लोग उसके एजेंट के रूप में काम करते थे। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है।