बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बचे सब इंस्पेक्टर, सीने में लगी गोली
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अपराध शाखा सेक्टर-30 व सेंट्रल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो अलग- अलग मुठभेड़ में चार आरोपियों को काबू किया है। जिनमें से वांछित आरोपी कमल भड़ाना, शशीकांत, रोहित और मनीष शामिल हैं। इनमें से मुठभेड़ में वांछित आरोपी कमल भड़ाना और शशीकांत को गोली लगने के कारण दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दोनो मुठभेड़ आधा घंटे के दौरान हुईं।
सहायक पुलिस आयुक्त वरुण कुमार दहिया ने बताया कि 27 सितंबर को सुबह करीब 4 बजे अपराध शाखा सेक्टर-30 व सेंट्रल की टीम ने पाली सूरजकुंड रोड पर बाइक पर सवार आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया। जिस पर आरोपियों ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी शशिकांत निवासी जिला वाराणसी हाल सरस्वती कॉलोनी सेहतपुर पल्ला के पैर में गोली लगी। वहीं दूसरे आरोपी रोहित निवासी ऊंचागांव जिला बुलंदशहर हाल डबुआ कॉलोनी को काबू किया। शशिकांत को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भर्ती करवाया गया।
रोहित ने बताया कमल के बारे में
वरुण कुमार दहिया ने बताया कि रोहित से पूछताछ में सामने आया कि उनके अन्य साथी कमल भड़ाना व गोलू उर्फ मनीष एक अन्य वारदात के लिए उनका इंतजार कर रहे हैं। जिस पर अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम के साथ बड़खल पाली रोड के नजदीक सैनिक कॉलोनी पहुंथे।
आत्मसमर्पण करने के लिए कहा
क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने बड़खल पाली रोड पर पुलिस चौकी सैनिक कॉलोनी से 100 मीटर दूर दोनों बदमाशों को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया। पुलिस ने पहले कमल को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था। लेकिन उसने क्राइम ब्रांच को देखकर गोली चलानी शुरू कर दी। जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। मुठभेड़ में कमल भड़ाना निवासी गांव मोहम्मदाबाद हाल गाजीपुर रोड डबुआ कॉलोनी के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने कमल के साथ मौजूद मनीष निवासी गांव मठीया जिला मोतिहारी बिहार हाल डबुआ कॉलोनी को भी काबू किया। कमल को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मांगी थी फिरौती
27 अप्रैल को न्यू जनता कॉलोनी के एक कपड़ा कारोबारी से रंगदारी मांगने की वारदात को अंजाम दिया था । सितंबर में गाजीपुर रोड डबुआ कॉलोनी के एक घर में घुस कर फायर किया था तथा एक बुजुर्ग महिला को हथौड़ा मार कर घायल किया था। जिसमें कमल वांछित चल रहा था। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि अपनी दहशत फैलाने के लिए ऐसी वारदात को अंजाम दे रहे थे। आज भी बड़ी वारदात को अंजाम को देना था।
बुलेटप्रूफ जैकेट से बचे सब इंस्पेक्टर विजय
मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के एक सब-इंस्पेक्टर विजय को सीने में गोली लगी। अगर बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं होती तो वह भी गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। सब इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि वह 1992 में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए थे। करीब 20 साल से वह क्राइम ब्रांच में काम कर रहे हैं। पहले भी कई बड़ी मुठभेड़ में अधिकारियों के साथ मौजूद थे। आज से पहले उनके ऊपर कभी भी फायरिंग नहीं हुई ।