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Faridabad News: चार पीढ़ियों से बना रहे पीतल की मूर्तियां

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38 वर्षों से लगातार सूरजकुंड मेले में आ रहे हैं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बालकिशन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में हस्तशिल्प और विरासत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इस वर्ष मेले में दिल्ली के प्रख्यात शिल्पकार और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बालकिशन द्वारा स्टॉल नंबर 142 लगाई गई है। उनकी स्टॉल पर भगवान की अत्यंत सुंदर और सजीव मूर्तियां उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 200 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक है। वे अपनी पीतल की कलाकृतियों के साथ पर्यटकों के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बने हैं।
दिल्ली से आए शिल्पकार बालकिशन ने बताया कि उनका परिवार पिछले चार पीढ़ियों से पीतल की मूर्तियां बनाने का कार्य कर रहा है। वे पिछले 38 वर्षों से निरंतर सूरजकुंड मेले का हिस्सा बन रहे हैं। उनकी मूर्तियों में बारीक नक्काशी और शुद्धता ही उनकी पहचान है, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हमारी मूर्तियों में सिर्फ धातु नहीं, बल्कि हमारी चार पीढ़ियों का अनुभव और श्रद्धा समाहित है। सूरजकुंड मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि अपनी विरासत को दुनिया के सामने रखने का एक उत्सव है।
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बालकिशन को उनकी इसी असाधारण कला और समर्पण के लिए उन्हें मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल, भारत सरकार द्वारा नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। शिल्प मेले में आने वाले पर्यटक न केवल इन मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि बालकिशन जी की कला यात्रा और उनके अनुभव जानने में भी गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
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