आतंकवादी समूह द्वारा बैंक खाते का इस्तेमाल करने का दिखाया था डर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-21डी निवासी एक महिला को उसके बैंक खाते का मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल होने का डर दिखाकर ठगी करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान राजस्थान निवासी अमित, सुमित, मयंक और विशाल के रूप में हुई है। साइबर थाना एनआईटी की टीम ने खाताधारक अमित को जेल भेज दिया है, जबकि अन्य तीनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि 25 मार्च को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को पंचकुला पुलिस का इंस्पेक्टर बताया। आरोपी ने महिला से कहा कि उनके खिलाफ केस दर्ज कर अरेस्ट वारंट जारी किया गया है। इसके बाद आरोपी ने महिला को डराया कि उनके नंबर से खुले बैंक खाते का एक आतंकवादी समूह द्वारा सात करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया गया है। ठगों ने महिला को भयभीत कर दिया कि जब तक उनकी संपत्ति की जांच पूरी नहीं हो जाती, उन्हें वीडियो कॉल पर ही बंधक (डिजिटल अरेस्ट) रहना होगा। इस घबराहट में महिला ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में अलग-अलग लेनदेन के जरिये करीब 24 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अमित मुख्य खाताधारक है, जिसने पैसों के लालच में अपना बैंक खाता सुमित को दिया था। सुमित ने इसे मयंक और मयंक ने आगे विशाल को उपलब्ध कराया। इस खाते में ठगी के एक लाख पच्चीस हजार रुपये आए थे। आरोपी अमित, विशाल और सुमित बीए के छात्र हैं, जबकि मयंक बारहवीं पास है। पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।