राजस्थान, भरतपुर जिले के अंतर्गत बयाना विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक रहे अतर सिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके पैतृक गांव पाली में किया गया। मौत की खबर जैसे ही पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया।
परिवार और रिश्तेदारों के साथ गांव के लोग भी उनके घर पर जमा हो गए। एंबुलेंस के जरिए पूर्व विधायक का शव उनके गांव पहुंचा, जिसके बाद गांव के ही श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
फरीदाबाद के पाली गांव निवासी अतर सिंह भड़ाना भाजपा के वरिष्ठ नेता थे और राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना सीट से विधायक भी रह चुके थे। भरतपुर में वह खनन के ठेके लेते थे। बताया जा रहा है कि इसी को लेकर पिछले कुछ समय से उनका विवाद चल रहा था।
रविवार शाम को भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र के गांव भौंडा में 70-80 लोगों ने पूर्व विधायक भड़ाना और उनके अंगरक्षक पर पर लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला कर दिया था। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पूर्व विधायक को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार देर रात लगभग 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव भरतपुर से उनके पैतृक गांव के लिए रवाना हुआ। शाम लगभग 4:15 बजे शव उनके पैतृक गांव के मकान पर पहुंचा, उनके बेटे अर्जुन ने उन्हें मुखाग्नि दी।
ग्रामीण बोले, बहुत ही सरल और सेवा भाव वाले थे पूर्व विधायक
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना लगभग 70 वर्ष के थे। जैसे ही उनके साथ हुए हादसे और मौत की खबर पहुंची तो पूरे गांव में शोक का माहौल हो गया। गांव के लोगों का कहना था कि भड़ाना बहुत ही सरल और सेवा भाव रखने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं किया और हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे।
पूर्व विधायक का शव 4:15 बजे उनके पैतृक मकान पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए शव को उनके पैतृक मकान के भीतर रखा गया। यहां उनकी बेटियां, बेटे, परिवार के सभी लोग मौजूद रहे। शाम 5:10 बजे गांव के श्मशान में उनके बेटे अर्जुन ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान भाजपा के केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, पूर्व विधायक ललित नागर समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए राजस्थान शिफ्ट हो गए थे पूर्व विधायक
भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना ने अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाने के लिए राजस्थान का रुख किया था। फरीदाबाद की मेवला महाराजपुर विधानसभा सीट पर भाजपा नेतृत्व की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर को तवज्जो दिए जाने के बाद भड़ाना ने राजस्थान में अपनी राजनीतिक संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी थीं। वर्ष 2017 में सेक्टर-16 में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में बताया था कि फरीदाबाद में रहकर विधायक बनना उनके लिए मुश्किल था, इसलिए उन्हें राजस्थान जाना पड़ा।
राजस्थान में राजनीतिक पहचान बनाने के बाद उन्होंने वहां अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाया। उनके इस बयान से साफ हुआ था कि फरीदाबाद में राजनीतिक परिस्थितियां उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गई थीं। मेवला महाराजपुर क्षेत्र में भाजपा की अंदरूनी राजनीति में बदलाव के बीच उन्होंने राजस्थान को अपनी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया था।
उन्होंने वर्ष 1998 में भाजपा के टिकट पर राजस्थान की बयाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2003 में वह भाजपा के टिकट पर विधायक बने। वर्ष 2001 में उन्हें भाजपा किसान मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष भी बनाया गया था।
राजस्थान : क्रशर विवाद में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या
राजस्थान के भरतपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थरों के खनन व क्रशर के कारोबार ने आखिरकार हिंसक रूप ले लिया। ग्रामीणों ने क्रशर पर हमला कर वहां मौजूद पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या कर दी जबकि उनके घायल साथी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस ने मामले में तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। भड़ाना मूलरूप से हरियाणा के रहने वाले थे। भड़ाना की बेटी आईएएस अफसर किरन भड़ाना
हिमाचल के लाहौल की उपायुक्त हैं।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के अनुसार, घटना रविवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच की है। उस समय पहाड़ी पर मशीनों के जरिये खनन कार्य चल रहा था और भड़ाना भी मौके पर मौजूद थे।
इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और पूर्व विधायक व अन्य को लाठी-डंडों, सरिया आदि से बुरी तरह पीटा। घटना में भड़ाना के साथ नदबई निवासी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां भड़ाना की मौत हो गई।
80 लोगों ने क्रेशर पर किया था हमला
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि 70 से 80 लोगों ने क्रशर परिसर में हमला कर उनके पति और अन्य लोगों को पीटा। उन्होंने अतर सिंह भड़ाना को गोली लगने की बात भी कही है। पुलिस के अनुसार क्रशर संचालन को लेकर ग्रामीणों और क्रशर संचालक के बीच दो वर्षों से विवाद चला आ रहा था।
इस मुद्दे पर ग्रामीणों की ओर से विरोध-प्रदर्शन के साथ धरना भी दिया जा रहा था। रविवार को हुई घटना को इसी विवाद की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है, हालांकि हमले की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।