मरीजों, तीमारदारों के साथ डॉक्टरों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की कैंटीन में इन दिनों भोजन उपलब्ध न होने से मरीजों, उनके तीमारदारों तथा अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस की कमी के कारण कैंटीन में नियमित रूप से खाना तैयार नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को मजबूरी में रेडीमेड खाद्य पदार्थों से ही काम चलाना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 3500 से 4000 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि करीब 1000 से 1200 मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती रहते हैं। भर्ती मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी अस्पताल में मौजूद रहते हैं। मरीजों की अधिक संख्या और लंबा इंतजार होने के कारण लोगों को भोजन की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन कैंटीन में खाना न मिलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ईएसआईसी अस्पताल की कैंटीन पर भोजन लेने पहुंचे कई लोगों को जब खाना नहीं मिला तो उन्हें पेटीज, समोसे और सैंडविच जैसे रेडीमेड खाद्य पदार्थ खरीदकर ही काम चलाना पड़ा।
अस्पताल में भर्ती मरीज के साथ आई तीमारदार अनामिका ने बताया कि वह सुबह से अस्पताल में हैं और कैंटीन में खाना लेने पहुंची थीं, लेकिन वहां भोजन उपलब्ध नहीं था। मजबूरी में उन्हें हल्के स्नैक्स लेकर ही काम चलाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों के साथ रहने वाले लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। वहीं तीमारदार राघवेंद्र ने बताया कि अस्पताल में कई लोग दूर-दराज से इलाज कराने आते हैं और उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है। ऐसे में कैंटीन में खाना न मिलना एक बड़ी समस्या बन गया है।
गैस की कमी के कारण नहीं बन पा रहा खाना
कैंटीन संचालक पुरुषोत्तम भड़ाना ने बताया कि पहले जो व्यावसायिक गैस सिलिंडर करीब 1600 रुपये में मिल जाता था, अब उसकी कीमत लगभग 3500 रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद भी बाजार में गैस आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही है। गैस की कमी के कारण नियमित भोजन बनाना संभव नहीं हो पा रहा है, इसलिए फिलहाल केवल रेडीमेड खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रेडीमेड खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़े
कैंटीन संचालक ने बताया कि गैस संकट का असर रेडीमेड खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ा है। उन्होंने बताया कि पेटीज, समोसे और सैंडविच जैसे खाद्य पदार्थ बेकरी में तैयार होते हैं और वहां भी व्यावसायिक गैस का ही उपयोग किया जाता है। गैस की कीमत बढ़ने के कारण बेकरी संचालकों ने भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। पहले जो वस्तुएं 10 से 15 रुपये में मिल जाती थीं, अब उनकी कीमत बढ़कर 30 से 40 रुपये तक पहुंच गई है। इससे लोगों को पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
मैं सुबह से अस्पताल में अपने मरीज के साथ हूं। काफी देर इंतजार करना पड़ता है, ऐसे में खाने की जरूरत पड़ती है। जब कैंटीन में खाना लेने गई तो वहां भोजन नहीं मिला।-अनामिका
हम काफी दूर से यहां इलाज के लिए आए हैं। घर जाकर खाना भी नहीं ला सकते। सड़क किनारे रेड़ी-पटरी स्वच्छता की कमी होती है। इसलिए कैंटीन में खाना लेने आया था। लेकिन यहां तो खाना ही नहीं है।-राघवेंद्र
पहले व्यावसायिक गैस सिलिंडर करीब 1600 रुपये में मिल जाता था, लेकिन अब इसकी कीमत लगभग 3500 रुपये हो गई है। इसके बावजूद भी गैस आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही है। मरीज तो मरीज डॉक्टरों को भी भूखा रहना पड़ रहा है।-पुरुषोत्तम भड़ाना, कैंटीन संचालक