- प्रोजेक्ट बना तो 10 मिनट में पहुंचेंगे नोएडा, पांच माह में कंपनी को देनी होगी डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेनो से आने-जाने वाले एक लाख लोगों को मिलेगी राहत
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। 10 से अधिक वर्षों से अटकी फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद रोड कनेक्टिविटी परियोजना (एफएनजी) को अब रफ्तार मिल गई है। तीनों जिलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना के लिए नए सिरे से डीपीआर तैयार की जाएगी। डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कंपनियों से निविदा मांगी है। 28 दिसंबर को निविदा खोली जाएगी। 5 माह में कंपनी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के करीब एक लाख से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा।
चार शहरों के लिए महत्वपूर्ण इस योजना में 800 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। इस परियोजना में यमुना पर 800 मीटर का छह लेन का पुल बनना है। यह फरीदाबाद में सेक्टर-88 और नोएडा में सेक्टर-150 के पास जुड़ेगा। फरीदाबाद और नोएडा में दोनों ओर साढ़े चार-साढ़े चार किलोमीटर की एप्रोच रोड (संपर्क मार्ग) बनाई जानी है। यह संपर्क मार्ग पुल को दोनों ओर से जोड़ेगी। खास बात यह है कि यह एफएनजी प्रोजेक्ट पूरा होने पर नोएडा से फरीदाबाद तक 10 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने एफएनजी के लिए कवायद तेज कर दी है। 28 दिसंबर को डीपीआर के लिए निविदा खोली जाएगी। कंपनी का चयन होने पर 5 माह में उसे डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट देनी होगी। इसमें परियोजना का एलाइनमेंट, एफएनजी से कितने वाहन प्रतिदिन निकलेंगे। यमुना पर कितना चौड़ा पुल बनाने की दरकार आदि रिपोर्ट तैयार करनी होगी। योजना में लगभग कितना खर्च आने की संभावना है।
एफएमडीए की एडिशनल सीईओ ने एफएनजी रूट का किया निरीक्षण
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की एडिशनल सीईओ गरिमा मित्तल ने अपनी टीम के साथ इसी सप्ताह एफएनजी के आने-जाने वाले रूट का निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने फरीदाबाद में संपर्क मार्ग में आने-जाने के रास्ते का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने इस योजना के अंतर्गत आने वाली अड़चनों को भी देखा। अधिकारियों ने नोएडा के अधिकारियों के साथ सेक्टर-150 में भी उस स्थान का निरीक्षण किया है।
2019 में पहले भी बनाई गई थी डीपीआर
एफएनजी परियोजना के लिए चार वर्ष पहले 2019 में कार्य शुरू हुआ था। इस दौरान चयनित कंपनी ने डीपीआर बनाई थी। इसमें फरीदाबाद में सेक्टर-88 स्थित अमृता अस्पताल के पास और नोएडा में सेक्टर-150 के नजदीक इसे निकालने की योजना बनाई गई थी। परियोजना को पूरा करने के लिए कुछ इमारतों को हटाने की जरूरत भी पड़ रही थी। इसके अलावा डीपीआर में तीन स्थानों पर परियोजना का एलाइनमेंट दिया गया था।