अवैध पानी कनेक्शनों पर सख्ती, एफएमडीए ने बनाई दो विशेष टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में लगातार बढ़ रहे पेयजल संकट और अवैध कनेक्शनों के जरिए हो रही पानी चोरी पर लगाम लगाने के लिए एफएमडीए और नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। पानी की सप्लाई व्यवस्था सुधारने और गैरकानूनी कनेक्शनों की पहचान के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाएंगी।
जानकारी के अनुसार पहली टीम एसडीओ जितेंद्र सिंह की अगुवाई में बनाई गई है। यह टीम रेनीवेल नंबर-4, 5, 6, 7 और 8 से जुड़े क्षेत्रों की निगरानी करेगी। वहीं दूसरी टीम एसडीओ असर खान के नेतृत्व में लाइन नंबर-1, 2 और 3 की जांच करेगी। दोनों टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दो दिन के भीतर अवैध कनेक्शनों की पहचान करें और अगले पांच दिनों में ऐसे कनेक्शन हटाने की कार्रवाई पूरी करें।
अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट जिला उपायुक्त, एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नगर निगम आयुक्त को सौंपी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि अवैध कनेक्शनों के कारण बड़ी मात्रा में पानी की बर्बादी हो रही है, जिससे कई इलाकों में पानी का दबाव कम हो जाता है और लोगों को नियमित सप्लाई नहीं मिल पाती।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि शहर में पानी की उपलब्धता और वितरण को संतुलित करने के लिए इंजीनियरिंग शाखा नया शेड्यूल तैयार कर रही है। वहीं एफएमडीए के मुख्य अभियंता विशाल बंसल का कहना है कि पानी चोरी रोकने से सप्लाई व्यवस्था में सुधार आएगा और जरूरत वाले क्षेत्रों तक पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा।
शहर में रोजाना 96 एमएलडी पानी की कमी
शहर में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। वर्तमान में फरीदाबाद में कुल 379 एमएलडी पानी की जरूरत है, जबकि केवल 283 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हो रही है। यानी शहर को रोजाना करीब 96 एमएलडी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा दबाव फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्रों में देखा जा रहा है। फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में 59.5 एमएलडी की जरूरत के मुकाबले केवल 44 एमएलडी पानी मिल रहा है। बड़खल क्षेत्र में 71 एमएलडी की मांग के सामने 51 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि तिगांव में 69 एमएलडी की आवश्यकता के मुकाबले 45 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
सबसे अधिक परेशानी एनआईटी क्षेत्र में सामने आ रही है। यहां रोजाना करीब 60 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन सप्लाई केवल 26 एमएलडी तक सीमित है। इसी वजह से एनआईटी और बड़खल क्षेत्रों से पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम के पास सबसे ज्यादा शिकायतें पहुंच रही हैं।
पानी वितरण व्यवस्था सुधारने पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद नगर निगम ने पानी वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद तेज कर दी है। निगम सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से पानी पहुंचाने के लिए नया वितरण शेड्यूल तैयार कर रहा है।
इसके साथ ही जिन इलाकों में सबसे ज्यादा जल संकट है, वहां अतिरिक्त टैंकर भेजे जा रहे हैं। खासतौर पर एनआईटी क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड के लिए 10 से 15 पानी के टैंकर लगाए गए हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई और नई वितरण व्यवस्था लागू होने के बाद आने वाले दिनों में जल संकट कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।