फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट जुटाए, गांव में कैमरे नहीं होने से प्रवेश-निकास मार्गों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फतेहपुर तगा में पूर्व सरपंच व प्रॉपर्टी डीलर अब्दुल को बंधक बनाकर करीब एक करोड़ रुपये की डकैती के मामले में पुलिस की पांच टीमें और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे हैं। धौज थाना पुलिस के साथ एवीटीएस सिकरोना और एआईए सेक्टर-30, 48 व 56 की टीमें बदमाशों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं।
फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत अन्य साक्ष्य जुटा चुकी है। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान बदमाशों ने अब्दुल से गनपॉइंट पर पूछा था कि जमीन बेचने से मिले रुपये कहां रखे हैं। अब्दुल ने उन्हें बताया कि उन्होंने भाइयों के साथ करीब 10 महीने पहले पौने दो एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में बेची थी। हालांकि बदमाश 25 करोड़ रुपये में जमीन बिकने की बात कहकर नकदी के बारे में पूछ रहे थे। चाबियां देने से इन्कार करने पर बदमाशों ने लोहे की रॉड से अलमारी और बेड के ताले तोड़कर करीब एक करोड़ रुपये निकाल लिए। लूटी गई रकम में अब्दुल के बड़े भाई अरसद के 60 लाख रुपये भी शामिल थे।
अब्दुल ने करीब चार महीने पहले 100 गज का प्लॉट लेकर दो कमरों का मकान बनवाया था। वारदात से महज दो दिन पहले ही परिवार नए घर में आया था। पुराने मकान से लाई गई नकदी बेड और अलमारी में रखी गई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बदमाशों को घर में रखी नकदी की जानकारी कैसे मिली। पीड़ित के अनुसार, पांच नकाबपोश बदमाश आपस में यूपी और बिहार की बोली में बातचीत कर रहे थे। वारदात के बाद वे अब्दुल का मोबाइल भी ले गए और कुछ दूरी पर खेत में फेंक दिया। सुबह पांच बजे अलार्म बजने पर परिजनों को खेत में मोबाइल मिला।
गांव के अंदरूनी हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। इसलिए पुलिस प्रवेश और निकास मार्गों तथा आसपास की मुख्य सड़कों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी घटनास्थल से बदमाशों के भागने की दिशा में सुराग तलाशे गए हैं। पुलिस मुखबिरी के एंगल से भी जांच कर रही है। अब्दुल 2005 से 2010 तक गांव के सरपंच रहे हैं, जबकि उनके भाई अरशद 2000 से 2005 तक सरपंच रहे थे।