समारोह में प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाणपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भारत को रक्षा और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जेसी बोस विश्वविद्यालय ने बड़ा कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय में आयोजित विशेषीकृत यूएवी (ड्रोन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। समापन अवसर पर आयोजित समारोह में सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने स्वदेशी ड्रोन तकनीकों पर शोध करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज भी ड्रोन कंट्रोलर और कई जरूरी उपकरणों के लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर हमारे युवा शोधकर्ता देश में ही इन कलपुर्जों का निर्माण करें, तो भारत रक्षा और तकनीकी क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकता है। इस दौरान कुलसचिव प्रो. अजय रंगा ने छात्रों के लिए एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी स्टूडेंट क्लब बनाने का सुझाव दिया, ताकि युवाओं को नवाचार और प्रयोग करने का बेहतर मंच मिल सके।
इसके साथ ही उद्योग सहयोगियों ने विद्यार्थियों के लिए दो विशेष इंटर्नशिप देने का भी ऐलान किया, जिससे छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इसके अलावा कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय अपने एडवांस्ड सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के लिए एक विशेष वेब पोर्टल तैयार कर रहा है। यह तीन चरणों वाला एक उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम है। पहला चरण पूरा होने के बाद अब जल्द ही दूसरा चरण टेथर्ड ड्रोन ट्रेनिंग शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर प्रो. मुनीश वशिष्ठ सहित कई शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।