शहीदों को सम्मान व 22 सूत्रीय मांगें रखीं, 11 अप्रैल को रोहतक में आंदोलन की दी चेतावनी
- कर्मचारियों ने मंत्री विपुल गोयल पर अनदेखी का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा फायर कर्मचारी यूनियन ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इसके समर्थन में नगर निगम कर्मचारियों ने झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों को भी सम्मान नहीं मिल रहा है।
नगर निगम कार्यालय से शुरू हुआ प्रदर्शन फायर स्टेशन तक पहुंचा जहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद बड़खल तहसीलदार नेहा सारण को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि फायर और पालिका कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार पत्र लिखे गए और मुलाकात भी की गई लेकिन समाधान नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
राज्य स्तर पर आंदोलन की दी चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो 11 अप्रैल को रोहतक में राज्यस्तरीय सम्मेलन बुलाकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भवी चंद शर्मा और रणवीर सिंह को शहीद का दर्जा, परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देना शामिल है। इसके अलावा 22 सूत्रीय मांगों के समाधान की भी मांग उठाई जा रही है।
कई कर्मचारी नेताओं ने दिया समर्थन
एनएच-1 फायर स्टेशन पर आयोजित आक्रोश सभा में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। सभा की अध्यक्षता मेघश्याम और बलबीर सिंह बालगोहर ने संयुक्त रूप से की जबकि संचालन अनिल चंडालिया ने किया। सभा में कई कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि 9 अप्रैल को भी हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही नगर निगम के कर्मचारी दोबारा झाड़ू प्रदर्शन करते हुए फायर स्टेशन पहुंचकर समर्थन देंगे। संघ ने साफ किया कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है जिसमें पालिका, परिषद और नगर निगमों के कर्मचारी भी शामिल होंगे।