अग्रवाल कॉलेज के पास हुआ हादसा, एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंबेडकर चौक स्थित अग्रवाल कॉलेज के पास शनिवार सुबह लगभग साढे दस बजे दूसरी मंजिल पर बनी लाइब्रेरी में अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। आग एसी से उठी एक चिनगारी के कारण लगी थी। घटना के समय लाइब्रेरी में करीब 30 से 40 छात्र पढ़ाई कर रहे थे। जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। । घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पर दी गई।
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की 6 गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड की टीम ने खिड़कियों के शीशे तोड़े ताकि धुआं बाहर निकल सके। इतना ही नहीं, पानी के पाइपों को सीढ़ियों के सहारे ऊपर तक पहुंचाकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। विद्यार्थी आकाश, यश और दीपांशु ने बताया कि लाइब्रेरी में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे। जिस वजह से समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। छात्रों ने आरोप लगाए हैं कि उनसे भारी भरकम फीस ली जा रही है। उसके बावजूद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि घटना में किसी की जान को कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन कई विद्यार्थियों का सामान जलकर खाक हो गया है। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। हालांकि सही कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
सुरक्षा के नहीं थे कोई इंतजाम
बच्चों के अनुसार लाइब्रेरी में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। लाइब्रेरी में पढ़ाई करने के लिए उनसे हर महीने फीस ली जाती है। उसके बावजूद आग से बचाव के इंतजाम नहीं थे। अगर लाइब्रेरी के अंदर आग से निपटने के इंतजाम होते तो आग पर तुरंत काबू पाया जा सकता था। जिन बच्चों का सामान जला है उनको काफी नुकसान हुआ है। उनकी मांग है कि जिनका जो भी नुकसान हुआ है उसका भुगतान लाइब्रेरी के मालिक की ओर से किया जाए।
1500 स्क्वायर मीटर एरिया पर लेना होती है एनओसी
फायर सेफ्टी ऑफिसर यादवेंद्र ने बताया कि जब वह मौके पर गए तो उन्होंने देखा कि दो फायर के सिलिंडर कमरे के अंदर रखे हुए थे। जो कि आग की वजह से पूरी तरह से जल चुके थे। वहीं दो सीढि़यों के बाद रखे हुए थे। उनके ऊपर प्रेशर पाइप लगी हुई थी। जिससे माना जाता है कि वह चालू स्थिति में थे। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक बिल्डिंग में अगर किसी को एनओसी लेनी है तो करीब 1500 स्क्वायर मीटर का एरिया होना चाहिए जोकि यह लाइब्रेरी कम एरिया में थी। इसलिए इसमें एनओसी की जरूरत नहीं थी।