-अमरौली, हसनपुर और रसूलपुर के हैं आरोपी किसान, होगी दंडात्मक कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पराली और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में ताज़ा मामला जिले के अमरौली, हसनपुर और रसूलपुर गांवों का है, जहां खेतों में आगजनी के चलते चार किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ कानून का उल्लंघन भी हैं, जिसके लिए अब सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि अमरौली निवासी जोगेंद्र , हसनपुर के बोधराज, पिंकी और रसूलपुर के इंद्राज के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान द्वारा फसल अवशेष जलाए जाने पर केवल चालान ही नहीं, बल्कि एफआईआर तक की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, 2 एकड़ से कम क्षेत्र में फसल जलाने पर 5,000 रुपये, 2 से 5 एकड़ के बीच 10,000 रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 30,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।
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गांवों में चल रही निगरानी
कृषि विभाग की टीमें गांवों में सक्रिय हैं, वहीं नंबरदारों और सरपंचों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे मुनादी करवा कर किसानों को जागरूक करें। उपायुक्त ने कहा कि किसान अपने खेतों में अवशेष जलाने के बजाय उसका चारा बनाने या एमबी प्लाउ मशीन से खेत में मिलाने जैसे विकल्प अपनाएं। प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल पर्यावरण सुरक्षा के लिए जरूरी है बल्कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाकर खुद और समाज के हित में योगदान दें।