नूंह। जिले के अड़बर गांव में छठी और बारहवीं कक्षा के दो छात्र चिकन पॉक्स से संक्रमित पाए गए हैं, जिससे परिवार और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। इसके अलावा मालब गांव के तीन और पल्ला गांव के दो छात्र भी संदिग्ध रूप से इसी संक्रमण के लक्षणों से ग्रस्त बताए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी शुरू कर दी है। एसएमओ डॉ. कपिल यादव ने कहा कि जिन बच्चों में संदिग्ध लक्षण दिखाई दें, उनकी तुरंत जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि कई बार लोग सामान्य छोटी फुंसियों को भी चिकन पॉक्स समझ लेते हैं, इसलिए सही जांच कराना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार चिकन पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकती है। इसलिए संक्रमित बच्चों को कुछ समय के लिए अलग कमरे में रखना और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, ताकि संक्रमण आगे न फैले। संवाद