कई बार यातायात भी हो जाता है बाधित, राहगीरों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
भारती दुबे
फरीदाबाद। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक लावारिस और पालतू पशु अक्सर बीच सड़क पर घूमते नजर आते हैं। इन पशुओं के कारण जहां एक ओर यातायात बाधित हो होता है, वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों और आम राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार ये पशु सड़क हादसों का कारण भी बन जाते हैं। जिनमें इनको चोट भी लग जाती है।
शहर के एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-15 -16, बाटा चौक और बल्लभगढ़ जैसे प्रमुख इलाकों में यह एक गंभीर समस्या बन गई है। रात के समय सड़कों पर अंधेरा होने के कारण इन पशुओं को देख पाना और भी मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। अक्सर देखने को मिलता है कि तेज रफ्तार वाहन इन पशुओं से टकरा जाते हैं, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ चालक और राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं और पशुओं को भी चोट लग जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे हुए है।
आपस में लड़ाई कर वाहन कर देते हैं क्षतिग्रस्त
लोगों ने कहा कि सड़कों पर एक बार दो सांड आपस में लड़ रहे थे, जिसमें दो गाड़ियों के शीशे टूट गए और एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह बिल्कुल आम हो गया है। वहीं निगम की ओर से समय-समय पर पशु पकड़ने के अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन प्रयास नाकामयाब साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार कहती है कि उनकी ओर कई गोशालाएं बनाई गई हैं, लेकिन फिर भी सड़कों पर गोवंश घूमता नजर आता है।
वर्जन
नगर निगम की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। कई गोशालाएं बनाई गई हैं, जहां लावारिस पशुओं को रखा जा रहा है। धीरे- धीरे सड़कों से सभी लावारिस पशुओं को हटा दिया जाएगा। -
पदम भूषण, कार्यकारी अभियंता