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Faridabad News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी पिता को अंतिम सांस तक कारावास की सजा

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- 10 हजार रुपये का जुर्माना, पीड़िता को 10 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश
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- दोबारा भी दर्ज हुआ दुष्कर्म का मुकदमा, परंतु नहीं मिले पर्याप्त सबूत

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पत्नी के मायके जाने पर 14 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को अदालत ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत राणा ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए दोषी पिता को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 10 लाख रुपये मुआवजा राशि देने के आदेश दिए हैं।
दोषी ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ एक बार नहीं बल्कि दो बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। दूसरी बार दुष्कर्म करने के मामले में पर्याप्त सबूत न मिलने पर आरोपी पिता को बरी कर दिया गया। साल 2021 में दर्ज मामले में सरकारी अधिवक्ता हरकेश द्वारा पेश किए साक्ष्यों व दमदार दलीलों के आधार पर आरोपी पिता को दोषी ठहराया गया। अधिवक्ता हरकेश के अनुसार छह जनवरी 2021 को चांदहट थाना अंतर्गत एक गांव निवासी महिला ने महिला थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने माता-पिता से मिलने यूपी स्थित अपने मायके गई थी। घर पर उसकी दो बेटियां मौजूद थीं। पांच जनवरी 2021 की रात को उसके पति ने उसकी 14 वर्षीय बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। सुबह उसकी दोनों बेटियां स्कूल जाने के बहाने घर से निकली और किसी तरह अपने नाना के यहां यूपी पहुंच गईं, जहां उसने अपनी आपबीती अपनी मां व नाना को बताई। वह अपनी बेटियों को लेकर ससुराल पहुंची और मामले की पुष्टि होने पर मामले की शिकायत महिला थाना पुलिस को दी गई।
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महिला थाना पुलिस ने पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। कुछ समय बाद अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी पिता को जमानत मिल गई। अदालती कार्रवाई के दौरान आरोपी का डीएनए मिलान कराया गया, जो मैच हो गया। आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अधिवक्ता हरकेश द्वारा दी गई दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया। शुक्रवार को अदालत ने दोषी को अंतिम सांस तक कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता को 10 लाख रुपये मुआवजा देने के भी आदेश दिए गए।
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साल 2022 में किया था दुष्कर्म
अधिवक्ता हरकेश ने बताया कि जनवरी 2021 में दर्ज दुष्कर्म के मामले में आरोपी को जमानत मिल गई थी। उसके बाद आरोपी दोबारा अपने घर चल गया। साल 2022 के जनवरी माह में आरोपी पर दोबारा दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में पर्याप्त सबूत न मिलने पर अदालत ने आरोपी को आरोप मुक्त कर दिया। वहीं, साल 2021 में दर्ज मामले में पर्याप्त सबूत मिलने व डीएनए के मिलने पर दोषी को सजा सुनाई गई।
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