फरीदाबाद। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ योजना पर तंज कसते हुए कहा कि मैसेज से किसानों की फसल नहीं पकती हैं। फसल अपने समय पर पकती है। अब किसान पहले दिन अपनी फसल काटेगा, दूसरे दिन मैसेज आएगा और तीसरे दिन फसल लेकर मंडी जाएगा। बाद में उसे पता चलेगा कि पोर्टल ठप पड़ा है। फिर फसल वापस लेकर घर जाएगा। वे रविवार को तिगांव के पूर्व विधायक ललित नागर के सेक्टर-17 स्थित निवास पर उनकी माता विद्यावती के निधन पर शोक प्रकट करने आए थे।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पता लग गया है कि किसानों में कितना विरोध है, अगर उन्हें विरोध ही देखना है तो गांवों में भी घुसकर देख लें, उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा कि किसानों में भाजपा के प्रति कितना रोष व्याप्त है। रोहतक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक की गई लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर इंसान को अपनी बात रखने का पूरा हक है, लेकिन भाजपा सरकार द्वारा इस प्रकार आम आदमी के हकों की आवाज को दबाने का जो कृत्य किया गया है, उसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। प्रदेश की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल हुई है। कोरोना महामारी के दौरान लोगों को राहत देने की बजाय यह सरकार लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप, नूंह के विधायक आफताब अहमद, एनआईटी के विधायक पंडित नीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।