फरीदाबाद। निजी जिम में व्यायाम करने से पहले अब मेडिकल प्रमाण पत्र जमा कराना होगा। जिसमें गंभीर बीमारियों के संबंध में तमाम जानकारियां होगी। अगर व्ययाम करते समय किसी भी व्यक्ति को कुछ होता है, तो उसे जिला प्रशासन, खेल विभाग या जांच करने वाली कमेटी को मेडिकल प्रमाण पत्र को दिखाना होगा। इसके साथ ही प्रत्येक जिम में सीसीटीबी कैमरा और शिक्षित जिम ट्रेनर को रखना अनिवार्य होगा। अगर जिम संचालक विशेषज्ञ जिम ट्रेनर को नहीं रखते है, तो उनके खिलाफ खेल विभाग कार्रवाई कर सकता है। अवैध रुप से चल रहे जिम पर अंकुश लगाने के लिए जिम संचालकों की ओर से ही नौ सदस्यीय टीम बनाई गई है। जो जिम में स्टेेरायड , प्रतिबंधित दवाईयां और अन्य कई चीजों पर नजर रखेगी। जिससे की जिम परिसर में कोई भी युवक अपनी शरीर को सुडौल बनाने के दौरान प्रतिबंधित दवाईयों का सेवन तो नहीं कर रहा है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को देगी। अगर किसी प्रकार की शिकायत आती है, तो संबंधित विभाग जिम संचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर सकता है। मालूम हो कि स्टेरायड के अत्यधीक सेवन से हृदय धात होने की आशंका रहती है। पिछले दिनों नोएडा में जिम करने के दौरान एक युवा की हृदयधात से मृत्यु हो गई थी। खेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सोमवार को जिम संचालकों का एक प्रतिनिधी मंडल भी खेल अधिकारी से मिलेगा। इस दौरान निजी जिम संचालकों की रुप रेखा पर भी चर्चा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रत्येक जिम संचालक को खेल विभाग में अपना पंजीकरण भी कराना होगा। इसमें जिम से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों को देनी होगी। सबकुछ ठीक रहने के बाद ही जिम का पंजीकरण हो सकेंगा।
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सोमवार को जिम संचालकों के प्रतिनिधी मंडल की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दो पर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान जिम संचालन के गाइड लाइन पर चर्चा किया जाएगा। इसके बाद इसे तुरंत अमल में लाया जाएगा।
जगवीर सिंह, जिला खेल अघिकारी
संवाद