स्मार्ट सिटी को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में ठोस पहल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी की पहचान को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखते हुए फरीदाबाद नगर निगम ने अब स्वच्छता को जमीन पर उतारने की ठोस तैयारी शुरू कर दी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर स्टेनलेस स्टील के आधुनिक ट्विन डस्टबिन लगाए जाएंगे, जिनमें गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डाला जा सकेगा।
इस व्यवस्था के जरिए निगम का फोकस सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है बल्कि लोगों की आदतों और पूरे कचरा प्रबंधन सिस्टम में बदलाव लाना है। नगर निगम की योजना के अनुसार बाजारों, चौराहों, पार्कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाए जाने वाले इन ट्विन डस्टबिन से खुले में कचरा फेंकने की समस्या पर लगाम लगेगी। निगम अधिकारियों का मानना है कि जब लोगों के सामने कचरा अलग करने का आसान और स्पष्ट विकल्प होगा तो स्वच्छता को लेकर लापरवाही भी कम होगी।
नगर निगम इस बार केवल कूड़ेदान लगाकर जिम्मेदारी पूरी करने के मूड में नहीं है। इसके साथ-साथ कूड़ा उठाने वाले वेंडरों का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है ताकि यह स्पष्ट रहे कि किस क्षेत्र से कचरा कौन उठा रहा है और उसे आगे कहां भेजा जा रहा है। इससे कलेक्शन से लेकर निस्तारण तक की पूरी चेन पर निगरानी आसान होगी। इसी क्रम में निगम की टीम घर-घर जाकर लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग करने की ट्रेनिंग दे रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि रसोई से निकलने वाला गीला कचरा और प्लास्टिक, कागज या अन्य सूखा कचरा अलग-अलग क्यों जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक कचरा घर से ही अलग नहीं होगा, तब तक प्रोसेसिंग प्लांट पर उसका वैज्ञानिक निस्तारण संभव नहीं है।
नियम तोड़ा तो चालान तय
जागरूकता के साथ-साथ निगम अब सख्ती के रास्ते पर भी चलने की तैयारी में है। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग न देने वालों के चालान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि नियमों का पालन न करने वाले वेंडरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। निगम का साफ संदेश है कि स्वच्छता अब सिर्फ अपील नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है।
गुणवत्ता और निगरानी पर खास जोर
पिछले वर्षों में कूड़ेदानों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों को देखते हुए इस बार नगर निगम ने सख्त मानक तय किए हैं। ट्विन डस्टबिन स्टेनलेस स्टील ग्रेड-304 से बनाए जाएंगे, जिससे वे लंबे समय तक टिकाऊ रहें और बारिश या धूप से खराब न हों। इसके साथ ही हर डस्टबिन की स्थापना के बाद उसकी जियो-टैग्ड फोटो लेना अनिवार्य किया गया है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डस्टबिन सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि तय स्थानों पर वास्तव में लगाए गए हैं।
तय समय में पूरा होगा काम
नगर निगम ने इस परियोजना के लिए सख्त समय-सीमा भी तय की है। चयनित एजेंसी को एक महीने के भीतर सभी डस्टबिन लगाने होंगे। निगम का मानना है कि गर्मियों से पहले यह व्यवस्था लागू होने से कचरे से जुड़ी बदबू, गंदगी और बीमारियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। इस पहल का सीधा लाभ शहर के लोगों को मिलेगा। सार्वजनिक स्थानों पर खुले में कचरा कम दिखेगा जिससे आसपास का वातावरण साफ रहेगा। गंदगी और बदबू कम होने से मच्छर-मक्खियों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी घटेगा। इसके अलावा, बेहतर कचरा प्रबंधन से फरीदाबाद की छवि सुधरेगी और स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग बेहतर होने की उम्मीद भी बढ़ेगी।
वर्जन
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए निगम हर स्तर पर तेजी से काम कर रहा है, इसके लिए लोगों को भी जागरूक होकर निगम का सहयोग करना चाहिए। -धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त