आरडब्ल्यू पदाधिकारियों ने अखबार बांटकर किया जागरूक
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है कि नोट, दूध की थैली और अखबार पढ़ने से कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा है, जबकि वैज्ञानिक तौर पर इसका कोई प्रमाण नहीं है। डॉक्टर और शहर की आरडब्ल्यूए ने इसे लोगों का भ्रम बताया है। इस मिथक को तोड़ने के लिए सेक्टर-22 की ईस्ट इंडिया कॉलोनी आरडब्ल्यूए ने जागरूकता अभियान शुरू किया है।
डब्ल्यूएचओ और डॉक्टरों की राय भी पढ़ा रहे
आरडब्ल्यूए प्रधान किशन कुमार बारी ने पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को अखबार बंटवाया। इसके साथ ही लोगों के घर जाकर इस बारे में बता रहे हैं। डब्ल्यूएचओ और डॉक्टरों की राय भी पढ़ा रहे। कोरोना से डरे लोगों को बताया जा रहा कि सही जानकारी के लिए अखबार पढ़ना बेहद जरूरी है। इसलिए अखबार की सटीक खबरों से नाता जोड़े।