औषधि नियंत्रण विभाग ने एनआईटी-1 में बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं के मिलने पर एक मेडिकल स्टोर को बुधवार को सील कर दिया। विभाग को सूचना मिली थी कि मेडिकल संचालक नशीली दवाएं बेचता है। बुधवार को छापेमारी के बाद अधिकारियों को पता चला कि संचालक को वर्ष 2012 में भी इसी मामले में सजा हो चुकी है।
सजा के बाद वह एक बार फिर से नशेखोरी को बढ़ावा दे रहा है। विभाग ने कार्रवाई करते हुए नशीले सामान को जब्त कर लिया और मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है। अब आरोपी के खिलाफ कोर्ट केस की तैयारी है।
वरिष्ठ औषधि नियंत्रक अधिकारी करण गोदारा ने बताया कि एनआईटी जोन में नशीली दवाएं बेचने की शिकायत मिली थी। इसलिए बुधवार को कार्रवाई की गई। कार्रवाई में जोन औषधि निरीक्षक पूजा चौधरी के साथ मेडिकल स्टोर पर छापा मारी की गई।
मेडिकल स्टोर में नशीली दवाएं, कोडीन सिरप, ट्रासाडोल कैप्सूल और कैरिसोमा गोली बड़ी तादाद में मिली। गोदारा ने बताया कि यह सभी दवाएं नशीली दवाओं की श्रेणी में आती हैं। इनको बेचने पर पाबंदी है। बताया कि विभाग के आयुक्त और प्रदेश औषधि नियंत्रक नरेंद्र आहूजा ने नशा रोकने के लिए ऐसी दवाओं पर बैन लगा रखा है। ऐसी दवाओं की खरीद फरोख्त पर सख्ती बरतने और तुरंत कार्रवाई के निर्देश हैं।