महंगे गुरुग्राम-दिल्ली से निकलकर फरीदाबाद बन रहा निवेश का नया ठिकाना
75 प्रतिशत तक बढ़े कलेक्टर रेट, जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी ने बढ़ाई जमीन की कीमतें
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद।दिल्ली और गुरुग्राम की बढ़ती कीमतों और भीड़भाड़ के बीच अब फरीदाबाद रियल एस्टेट का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। जहां गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड और डीएलएफ जैसे पॉश इलाकों में जमीन के कलेक्टर रेट पहले ही ऊंचाई पर हैं वहीं फरीदाबाद में हाल ही में लागू नए कलेक्टर रेट में 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने यह संकेत दे दिया है कि यह शहर तेजी से उसी दिशा में बढ़ रहा है।
बीते कुछ महीनों में निवेशकों और घर खरीदारों का रुझान जिस तेजी से फरीदाबाद की ओर बढ़ा है उसने एनसीआर के रियल एस्टेट संतुलन को बदल दिया है। दिल्ली में सीमित जमीन और ऊंची कीमतों के कारण मध्यम वर्ग के लिए विकल्प कम होते जा रहे हैं जबकि गुरुग्राम में महंगे प्रोजेक्ट और ट्रैफिक दबाव के चलते लोग अब अपेक्षाकृत सस्ते और विकसित होते फरीदाबाद को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रशासन द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए लागू किए गए नए कलेक्टर रेट इस बदलाव की सबसे बड़ी पुष्टि कर रहे हैं। जिले के कई सेक्टरों और ग्रामीण इलाकों में 15 से 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है।
पॉश इलाकों में और बढ़े हैं रेट
शहर के पॉश रिहायशी सेक्टरों में भी इस बार बड़ी छलांग देखने को मिली है। सेक्टर-16 (रिहायशी) में करीब 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ दर 51,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो गई है। सेक्टर-21बी में छोटे प्लॉट के लिए दरें 60,625 रुपये और बड़े प्लॉट के लिए 61,100 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई हैं। सेक्टर-28 और एनआईटी जैसे इलाकों में भी 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। अजरौंदा जैसे क्षेत्रों में भी रेट 34,375 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गए हैं। अगर इसकी तुलना गुरुग्राम से करें तो वहां पहले से ही कई पॉश इलाकों में कलेक्टर रेट 1 लाख से 2 लाख रुपये प्रति वर्ग गज के बीच हैं। ऐसे में फरीदाबाद अभी भी अपेक्षाकृत सस्ता है लेकिन तेजी से उस स्तर की ओर बढ़ रहा है। यही कारण है कि निवेशकों को यहां अर्ली एंट्री का फायदा दिखाई दे रहा है।
जेवर-एयरपोर्ट व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटि का दिखा असर 75 प्रतिशत की उछाल
ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला है। जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी का सीधा असर इन क्षेत्रों पर पड़ा है। दयालपुर तहसील के अटाली गांव में कृषि भूमि की दर 75 प्रतिशत बढ़कर 1.69 करोड़ रुपये प्रति एकड़ हो गई है। तिगांव, अटेरना और अलावलपुर जैसे क्षेत्रों में भी 15 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी बताती है कि आने वाले समय में ये इलाके शहरी विस्तार का हिस्सा बन सकते हैं।
आईएमटी क्षेत्र में भी बढ़े रेट
औद्योगिक और कमर्शियल क्षेत्रों में भी निवेश का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। आईएमटी क्षेत्र में प्लॉट के रेट 35 हजार रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गए हैं, जबकि सेक्टर-28 के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दरें 1.78 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक निर्धारित की गई हैं। अनंगपुर, तिगांव और आदर्श नगर जैसे क्षेत्रों में भी व्यावसायिक संपत्तियों के रेट में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार फरीदाबाद में यह उछाल केवल कलेक्टर रेट तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी भी बड़ी वजह है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट की नजदीकी, और मास्टर प्लान 2031 के तहत हो रहे विकास कार्यों ने शहर की संभावनाओं को बढ़ा दिया है। इसके अलावा ग्रेटर फरीदाबाद में सड़क, सीवर और शहरी सुविधाओं पर तेजी से काम हो रहा है जिससे यह क्षेत्र निवेश के लिए आकर्षक बन रहा है।
भूमि उपयोग पर निर्भर होगा रेट
प्रशासन ने भूमि उपयोग परिवर्तन को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है। रिहायशी कॉलोनी के लिए कृषि दर का तीन गुना, ग्रुप हाउसिंग के लिए चार गुना और कमर्शियल उपयोग के लिए पांच गुना शुल्क तय किया गया है। वहीं निर्माण दरें भी निर्धारित की गई हैं, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। बल्लभगढ़-सोहना रोड और फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर मुख्य सड़कों के किनारे स्थित जमीनों पर अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान भी किया गया है, जिससे इन क्षेत्रों की कीमतों में और इजाफा होना तय माना जा रहा है।