अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को शहर एनसीआर में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 227 दर्ज किया गया। जबकि पहले स्थान पर ग्रेटर नोएडा रहा। जिसका एक्यूआई 237 रहा, जो सामान्य से लगभग चार गुना अधिक है। एक्यूआई बढ़ने के साथ ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का पहले चरण की बंदिशें सख्ती से लागू कर दी गई हैं। हालांकि इसका कहीं पालन होता नहीं मिला।
शहर में नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। नगर निगम के अनुसार नियमित रूस से सड़कों पर पानी का टैंकरों से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मशीनों से सड़कों की सफाई की जा रही है। कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। निर्माण कार्यों को रोक दिया गया है। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा है कि उनकी टीम अलग-अलग इलाकों में चल रहे उद्योगों में जाकर जांच कर रही है लेकिन कहीं भी डीजी सेट चलते नहीं मिल रहे हैं। ग्रैप के नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। वहीं मंगलवार को खराब हवा ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियाें के दावों की पोल खोल दी। जगह-जगह खुले में पड़ी निर्माण सामग्री, नीलम-रेलवे रोड पर होटलों में जलते तंदूर, सड़कों पर धूल उड़ती रही। जिम्मेदारी अधिकारी कार्यालयों में बैठ कर एसी की हवा खाते रहे। नगर निगम की तरफ से रोजाना कूड़े में आग और खुले में कूड़े फेंकने वाले 3-4 लोगों पर कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित है। जिससे प्रदूषित हवा में लोगों का दम घुटने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक मंगलवार को ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा खराब रही। यहां का एक्यूआई 237 दर्ज किया गया। दूसरी स्थान पर फरीदाबाद रहा। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 227 रहा, जो सोमवार के मुकाबले 41 अंक ज्यादा है। बल्लभगढ़ हवा काफी हद तक साफ रही। यहां का एक्यूआई 89 दर्ज किया। दिल्ली का 180, गुरुग्राम 104, नोएडा का 152, गाजियाबाद का 167 एक्यूआई रहा।
बुधवार को भी हवा खराब रहना का अनुमान
मौसम विज्ञान के अनुसार मंगलवार को हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। इस दौरान हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिम व उत्तर दिशा की ओर रहा। हवा 6 किलोमीटर प्रतिघंटे से गति से चली। इसी तरह हवा बुधवार को भी खराब श्रेणी रहने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति 10 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी और आसमान साफ रहने की संभावना है।
सेक्टर में पानी का छिड़काव
डिवीजन तीन के कार्यकारी अभियंता सुशील ठकरान ने बताया कि क्षेत्र में टैंकरों की मदद से सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जेई क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्याें पर भी नजर रख रहे हैं। दूसरी ओर एनआईटी क्षेत्र भी पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। हालांकि कूड़ा जलाने और खुले में कूड़ा फेंकने का मंगलवार को चालान नहीं हुआ।
प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियाें पर नजर रखी जा रही है। हमारी टीम नियमित रूप से कंपनियों में जाकर जांच कर रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- आकांश तवंर, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी