संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नंगला एंकलेव में बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार के लोग उसे इलाज के लिए बीके अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित करने पर परिजन छात्र के शव को आपातकालीन विभाग से कंधे पर उठा लाए। इससे पहले अस्पताल प्रबंधन उन्हें रोकता वह शव को बाइक पर रखकर निकल गए। पुलिस ने बड़ी मशक्कत से परिजनों को रास्ते में रोका और शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल में रखवाया।
मृतक की पहचान नंगला एंकलेव स्थित रामफल मंडी निवासी दिपांशु (16) के रूप में हुई है। वह बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। शुक्रवार रात उसने घर में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के दौरान घर में परिवार के अन्य सदस्य मौजूद नहीं थे। रात करीब नौ बजे परिजन घर पहुंचे तो दिपांशु का शव पंखे से झूल रहा था। आनन-फानन में परिजनों ने शव फंदे से उतारा और बीके अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों ने दिपांशु को मृत घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखने को कहा। परिजनों ने डॉक्टरों की नहीं मानी और जबरन शव कंधे पर उठाकर बाइक से भागने लगे। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने रास्ते में परिजनों को रोक लिया और शव अस्पताल में ले जाने की बात कही। परिजनों ने पुलिस से कहा वह दिपांशु को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जा रहे थे। किसी तरह पुलिस ने परिजनों को समझा कर शव वापस लिया। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।