फरीदाबाद। थाना सेक्टर-58 क्षेत्र के गांव मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति का शव 19 सितंबर 2020 को एक फैक्टरी के शौचालय में फंदे से लटका हुआ मिला था। परिजनों ने गांव के ही कुछ व्यक्तियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर थाने में शिकायत दी थी। इसके साथ ही मृतक के परिजनों ने पुलिस को एक सुसाइड नोट सौंपा था। इसमें आरोपियों के नाम थे। अब इस मामले में फ़ॉरेंसिक जांच के बाद सुसाइड नोट झूठा निकला है।
पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 19 सितंबर 2020 को गांव मोहल्ला निवासी कालीचरण का शव फैक्टरी के शौचालय में फंदे से लटकता मिला। मृतक के बेटे पवन के बयान पर पुलिस ने तीन लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता पवन ने सुसाइड नोट पुलिस को दिया था।
इसमें गांव के ही जगदीश, नरेश और उदयवीर द्वारा प्रताड़ित करने की बात लिखी थी। पवन के अनुसार उनके चाचा रमेश की कुछ साल पहले मृत्यु हो गई थी। रमेश की जमीन को लेकर गांव ताजनगर निवासी पवन यादव के साथ मामला चल रहा था, जिसे कालीचरण ही देख रहे थे।
शिकायतकर्ता का कहना था कि जगदीश, नरेश और उदयवीर भी रमेश की जमीन पर दावा करते हैं। सभी मिलकर कालीचरण पर दबाव डालकर प्रताड़ित कर रहे थे। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सुसाइड नोट को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया।
करीब साढ़े चार महीने बाद तीन मार्च को लैब की रिपोर्ट आ गई, जिसमें यह साफ हो गया कि सुसाइड नोट झूठा है। उसमें लिखी लिखावट मृतक की लिखावट से मेल नहीं खाती। मामले में आरोपी पवन यादव का कहना है कि मृतक ने आत्महत्या से करीब दस दिन पहले उनसे एक लाख रुपये उधार लिए थे। मृतक के परिजन उन्हें पैसे नहीं लौटना चाहते थे। आरोप है कि मृतक के परिजनों ने कई बार उनसे मामला वापिस लेने के नाम पर तीस लाख रुपये की मांग भी की थी। उनका कहना है कि लैब से रिपोर्ट आने के बाद अब वह मृतक के परिजनों के खिलाफ षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज कराएंगे।
थाना सेक्टर 58 प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि लैब से जांच के बाद सुसाइड नोट झूठा साबित हो गया है। अभी दूसरे पक्ष ने मृतक के परिजनों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।