अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला हरियाणा ही नहीं पूरे देश की विश्वभर में पहचान बन चुका है। शुक्रवार को सूरजकुंड में आयोजित 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के उद्घाटन अवसर पर सीएम नायब सिंह सैनी ने मंच पर यह बात कही। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बतौर मुख्य अतिथि मेले का उद्घाटन किया। मेला सात से 23 फरवरी तक चलेगा।
मेले के शुभारंभ अवसर पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज दो बड़े ऐतिहासिक आयोजनों के माध्यम से भारत विश्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। एक ओर जहां महाकुंभ का आयोजन हो रहा है तो दूसरी ओर भारत की साझी कलात्मक विरासत का प्रदर्शन करने वाले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेला केवल हस्तशिल्प को ट्रेड करने या दिखाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह शिल्पकारों और दस्तकारों की पुरातन परंपरा को दर्शाने का महान मंच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक भारत-श्रेष्ठ भारत के स्वप्न वाले संदेश को यह मेला चरितार्थ कर रहा है। भारत के हस्तशिल्प को भी एक नया बाजार बनाने में सूरजकुंड मेला संभावनाओं का द्वार खोल रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह मेला हमारी ‘ वसुधैव कुटुम्बकम् ’ की भावना को भी साकार करता है और शिल्प के साथ साथ हमारी संस्कृति को भी दुनिया के सामने रखने का अवसर देता है। इस दौरान विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, पिछड़ा वर्ग कल्याण व अंत्योदय सेवा मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, खाद्य-नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, फरीदाबाद के विधायक, मेला प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कला रामचंद्रन, मंडलायुक्त संजय जून, जिला उपायुक्त विक्रम सिंह, कमिश्नर सत्येंद्र कुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।