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यौन शोषण मामले में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ हैं तथ्य, दर्ज कराएंगे एफआईआर : रेणू भाटिया

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-महिला आयोग की अध्यक्ष ने हरियाणा के डीजीपी पर अधिकारी को बचाने का लगाया आरोप
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महिला पुलिसकर्मियों के यौन शोषण का मामला
अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने कहा है कि महिला पुलिसकर्मियों के यौन शोषण मामले में पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर एक आईपीएस का पक्ष ले रहे हैं। उनका आरोप है कि आईपीएस अधिकारी के खिलाफ हुई एसआईटी जांच की रिपोर्ट महिला आयोग को नहीं सौंपी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जांच में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कुछ तथ्य मिले हैं। जल्द ही आईपीएस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए जाएंगे। रेणू भाटिया सेक्टर-12 लघु सचिवालय में महिला आयोग के मामलों की सुनवाई कर रही थीं।

महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने कहा कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर अपने अधिकारी को बचाने में 8 महिला पुलिसकर्मियों की बलि न लें। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी पर महिलाओं के शोषण के आरोप लगे थे, सरकार उसे रेलवे में स्थानांतरित कर चुकी है। वहीं, उसका साथ देने की आरोपी डीएसपी और महिला एसएचओ को भी जिले से हटाया जा चुका है। महिला पुलिसकर्मियों के यौन शोषण मामले में पुलिस की लापरवाही साफ तौर से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि तथ्य होने के बाद भी आईपीएस का बचाव करते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही। महिला पुलिस कर्मियों से बातचीत भी नहीं की गई। इससे पता चलता है कि अधिकारी को बचाने की मंशा है।
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दो एफआईआर दर्ज हैं
इस मामले में प्रदेश के एक जिले की सिविल लाइन थाने में दो एफआईआर दर्ज हैं। एक यौन शोषण के आरोप में मामला दर्ज है। साथ ही, मुख्यमंत्री को लिखे पत्र को वायरल करने के आरोप में यू-ट्यूबर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार यूट्यूबर को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

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तीन स्तर पर हो रही जांच

महिला पुलिसकर्मियों के यौन शोषण के आरोपों की अब 3 स्तर पर जांच की जा रही है। महिला आयोग की टीम के साथ-साथ दो आईपीएस अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। फतेहाबाद की महिला आईपीएस अधिकारी आस्था मोदी और एडीजीपी ममता सिंह भी जांच कर रही हैं। इसके अलावा एसआईटी जांच भी की गई है। हिसार एसपी के नेतृत्व में एसआईटी जांच के लिए टीम बनाई गई है।
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सीएम को लिखी चिट्ठी वायरल होने से खुला था मामला



अक्टूबर माह में सीएम नायब सैनी को लिखी एक चिट्ठी वायरल हुई थी। उसमें दावा किया गया था कि जींद में पुलिस की 8 महिला कर्मचारियों का यौन शोषण किया जा रहा है। इसमें कुछ महिला पुलिसकर्मियों के नाम भी थे। चिट्ठी वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।
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