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Faridabad News: जलभराव और जाम भी नहीं रोक सका बहनों के कदम

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बारिश से सड़कें हुई तालाब में तब्दील, भाइयाें के घर पहुंचने में लगे कई घंटे
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शुक्रवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने फरीदाबाद की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया। कई इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे न केवल यातायात बाधित हुआ बल्कि दुकानों और मकानों में भी पानी घुस गया। शनिवार को रक्षाबंधन के मौके पर जहां लोग अपने परिजनों से मिलने की तैयारी कर रहे थे, वहीं जलभराव और भीषण जाम ने त्योहार की खुशियों में खलल डाल दी। कई बहनों ने बताया कि उन्हें अपने भाइयों के घर पहुंचने में कई घंटे लग गए। वहीं कई भाई, जो बहनों को राखी बंधवाने आने वाले थे, जाम में फंसे रह गए। मुख्य बाजारों एनआईटी, बाटा चौक, बल्लभगढ़ बाजार और ओल्ड फरीदाबाद में जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।


ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास किया बंद
ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में इतना पानी भर गया कि प्रशासन को अंडरपास बंद करना पड़ा। इसके चलते कुछ लोग मजबूर होकर अंडरपास के किनारे वाहन छोड़कर पैदल निकलने को विवश हुए। ओल्ड फरीदाबाद के अलावा बाईपास और बड़खल अंडरपास में भी पानी भरा रहा। इन अंडरपासों के बंद होने से आसपास की सड़कों पर जाम कई किलोमीटर तक फैल गया।
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ब्लैक स्पॉट पर जलभराव से बढ़ा खतरा
शहर के सभी प्रमुख ब्लैक स्पॉट जैसे बाईपास रोड, बल्लभगढ़ मथुरा रोड का कुछ हिस्सा, सेक्टर-28-29 की लिंक रोड और बाटा फ्लाईओवर के नीचे व नीलम मेट्रो से चौक की तरफ आने वाले फ्लाईओवर की शुरुआत में सुबह से ही पानी भरा रहा। इन जगहों पर पहले भी हादसों का खतरा बना रहता है, लेकिन पानी भरने से जोखिम कई गुना बढ़ गया। कई जगह वाहन पानी में फंसने के बाद खराब हो गए, जिससे लोग घंटों परेशान रहे।

व्यापारियों और निवासियों को हुई परेशानी
एनआईटी और बल्लभगढ़ बाजार के कई दुकानदारों ने बताया कि रातभर की बारिश से दुकानों में पानी घुस गया, जिससे माल खराब हो गया। कई घरों में घुटनों तक पानी भरने से सामान को नुकसान पहुंचा। स्थानीय निवासी लगातार पंप लगाकर पानी बाहर निकालने में जुटे रहे, लेकिन नालियों की सफाई न होने के कारण पानी की निकासी बेहद धीमी रही।

समस्या के मूल कारण पर काम करने की जरूरत
विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में ड्रेनेज सिस्टम की खराब स्थिति और नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर रुक जाता है। नगर निगम व एफएमडीए हर साल मानसून से पहले दावा करता है कि जलभराव की समस्या नहीं होगी, लेकिन हकीकत बारिश के पहले ही दिन सामने आ जाती है। शहर में 30 से अधिक ऐसे बिंदु हैं जहां हल्की से मध्यम बारिश में भी पानी भर जाता है, लेकिन स्थायी समाधान के प्रयास अधूरे हैं।
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ट्रैफिक पुलिस ने संभाला मोर्चा
जलभराव की शिकायतें मिलने पर नगर निगम और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने के लिए मोटर पंप लगाए गए लेकिन यह काम दोपहर बाद शुरू हुआ, तब तक यातायात पूरी तरह प्रभावित हो चुका था। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग सुझाए लेकिन भारी संख्या में वाहनों और त्योहार के दिन यात्रा करने वाले लोगों के कारण जाम कम नहीं हो सका। पुलिस के जवान जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करते दिखे लेकिन वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण कोई खास फायदा जमीनी स्तर पर नहीं दिखा।
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